Intermittent Fasting: क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग? वेट लॉस के चक्कर में हो सकता है नुकसान, किसे ये नहीं करनी चाहिए

Intermittent Fasting: इंटरमिटेंट फास्टिंग आज के समय में बहुत लोग फॉलो करते हैं। इससे लोग वेट लॉस करने के चक्कर में नुकसान भी कर लेते हैं। आइए जानते हैं कि किसे इस फास्टिंग को नहीं करनी चाहिए।

intermittent fasting | Image: Freepik

Intermittent Fasting: आज के समय में वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग तेजी से बढ़ रही है। लोग फिट और स्लिम रहने के लिए इस डाइट पैटर्न को अपना रहे हैं, जिसमें लंबे समय तक फास्टिंग के बाद एक निश्चित समय में खाना खाया जाता है। हालांकि, इसके फायदे जितने चर्चा में हैं, उतना ही जरूरी है इसे समझना होता है कि यह हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। बिना सही जानकारी के इसे अपनाना सेहत पर भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि किसे इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनाना चाहिए और किसे नहीं।

इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान

इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करने पर शरीर में कई तरह के चेंज देखने को मिलते हैं। ये बदलाव कुछ लोगों के लिए फायदेमंद साबित होते हैं, तो कुछ लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहने और फिर अचानक भारी भोजन करने से पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज, दस्त और पेट फूलना हो सकता है। इसके अलावा बॉडी में एनर्जी की कमी होने लगती है। इससे थकान, चक्कर, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। कई मामलों में यह ईटिंग डिसऑर्डर को भी बढ़ावा दे सकता है, खासकर उन लोगों में जो पहले से इस समस्या से जूझ चुके हैं। महिलाओं में इसका असर हार्मोन पर भी पड़ सकता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। वहीं, खाली पेट रहने से नींद पर भी असर पड़ता है और नींद की कमी दिनभर की थकान को बढ़ा सकती है।

फास्टिंग के दौरान इन बातों को रखें ध्यान

अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी चीजों को ध्यान में रखना काफी जरूरी होता है। सबसे पहले शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है, इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। ईटिंग विंडो के दौरान हेल्दी और पोषण से भारा हुआ खाना ही खाएं। जंक फूड से दूरी बनाएं और प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करें। फास्टिंग की शुरुआत धीरे-धीरे करें। शुरुआत में 12 घंटे का फास्ट रखें और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। साथ ही, अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। अगर कमजोरी या चक्कर महसूस हो, तो तुरंत फास्टिंग तोड़ दें।

किसे नहीं करनी चाहिए इंटरमिटेंट फास्टिंग

कुछ लोगों के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग नुकसान साबित हो सकती है। प्रेग्नेंट या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इससे बचना चाहिए। डायबिटीज, दिल की बीमारी या लो ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी यह डाइट बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं अपनानी चाहिए। इसके अलावा, जिन लोगों का वजन पहले से कम है या जो बच्चे और यंग लोगों हैं, उनके लिए भी यह तरीका सही नहीं माना जाता है।

यह भी पढ़ें: मन को शांत रखने की आसान टिप्स, ये फॉर्मूला बदल देगा आपकी जिंदगी
 

Published By : Kirti Soni

पब्लिश्ड 5 April 2026 at 13:11 IST