अपडेटेड 18 February 2026 at 14:21 IST

Weak Bones Symptoms: शरीर में दिख रहे ये संकेत, हो सकते हैं कमजोर हड्डियों का कारण; जानें कैसे करें बॉडी में कैल्शियम की कमी को पूरा?

Calcium Rich Foods: मजबूत हड्डियों के लिए सही खानपान, धूप, व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप अपनी हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।

कमजोर हड्डियों के लक्षण और उपाय | Image: AI

Strong Bones Health Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और कम शारीरिक गतिविधि की वजह से हड्डियों की कमजोरी एक आम समस्या बनती जा रही है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, जिससे चलने-फिरने में दिक्कत, दर्द और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते इसके संकेत पहचान लिए जाएं, तो बड़ी समस्या से बचा जा सकता है। तो चलिए जानते हैं कमजोर हड्डियों के लक्षण और कैल्शियम की कमी कैसे पूरी करें।

कमजोर हड्डियों के मुख्य लक्षण क्या हैं?

बार-बार हड्डियों में दर्द होना

अगर आपको पीठ, घुटनों, कमर या जोड़ों में लगातार दर्द रहता है, तो यह कमजोर हड्डियों का संकेत हो सकता है।

जल्दी थकान महसूस होना

हल्का सा काम करने पर भी थक जाना शरीर में कैल्शियम की कमी का लक्षण हो सकता है।

मांसपेशियों में ऐंठन और खिंचाव

रात के समय पैरों में क्रैम्प्स या मांसपेशियों में खिंचाव होना भी कैल्शियम की कमी से जुड़ा हो सकता है।

दांतों की कमजोरी

दांतों में दर्द, सड़न या जल्दी टूटना भी कमजोर हड्डियों का संकेत है, क्योंकि दांतों की मजबूती भी कैल्शियम पर निर्भर करती है।

बार-बार फ्रैक्चर होना

हल्की चोट में भी हड्डी टूट जाना इस बात का संकेत है कि आपकी हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं।

नाखूनों का कमजोर और टूटना

अगर नाखून जल्दी टूटते हैं या पतले हो गए हैं, तो यह भी कैल्शियम की कमी का इशारा हो सकता है।

शरीर में कैल्शियम की कमी क्यों होती है?

  • दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स का कम सेवन करने से कैल्शियम की कमी हो सकती है। 
  • धूप में कम निकलना विटामिन-डी की कमी के संकेत हो सकते हैं। 
  • ज्यादा चाय-कॉफी और जंक फूड का सेवन करना भी शरीर के लिए हानिकारक होता है। 
  • उम्र बढ़ने के साथ कैल्शियम का अवशोषण कम होना। 
  • खासकर महिलाओं में हार्मोनल बदलाव भी कैल्शियम की कमी लेकर आ सकता है।

कैल्शियम की कमी कैसे पूरी करें?

कैल्शियम से भरपूर आहार लें

अपने डाइट में दूध, दही, पनीर, तिल, चिया सीड्स, बादाम और अखरोट, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, ब्रोकली, सोया और टोफू ,रागी और बाजरा शामिल करें।

धूप जरूर लें

रोज सुबह 15-20 मिनट धूप में बैठने से शरीर में विटामिन D बनता है, जो कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी है।

नियमित व्यायाम करें

वॉकिंग, योग, हल्की दौड़ और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज हड्डियों को मजबूत बनाती हैं।

चाय-कॉफी और सॉफ्ट ड्रिंक कम करें

इनका अधिक सेवन शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल सकता है।

डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें

अगर डाइट से पर्याप्त कैल्शियम न मिल पाए, तो डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम और विटामिन-डी सप्लीमेंट ले सकते हैं।

कब करना चाहिए डॉक्टर से संपर्क?

अगर लगातार हड्डियों में दर्द, कमजोरी, बार-बार फ्रैक्चर या अत्यधिक थकान महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। समय पर इलाज से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।

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Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं।  REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 18 February 2026 at 14:20 IST