अपडेटेड 19 January 2026 at 21:23 IST

Kanji Peene Ke Fayde: स्वाद और सेहत का खजाना है कांजी, बनाना है बेहद आसान, नोट कर लें रेसिपी

Kanji Health Benefits: चुकंदर, गाजर और सरसों के दानों से बनी कांजी स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल है। इसे घर पर बनाना बहुत आसान है और इसके फायदे कई हैं।

कांजी के फायदे और रेसिपी | Image: Freepik

How To Make Kanji At Home In Hindi: कांजी एक देसी ड्रिंक है, जिसे खासतौर पर सर्दियों के मौसम में बड़े चाव से पिया जाता है। यह स्वाद में हल्की खट्टी, चटपटी और बेहद ताजगी देने वाली होती है। चुकंदर, गाजर और सरसों के दानों से बनी कांजी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी खजाने से कम नहीं मानी जाती है। यह एक नेचुरल फर्मेंटेड ड्रिंक है, जो पेट से लेकर इम्युनिटी तक कई फायदे देती है। तो चलिए जानते हैं कांजी पीने के फायदे और जानेंगे इसे बनाने का सबसे आसान तरीका-

कांजी पीने के फायदे

पाचन तंत्र को रखे मजबूत

कांजी एक नेचुरल प्रोबायोटिक है। इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन को बेहतर बनाते हैं और कब्ज, गैस व अपच जैसी समस्याओं में राहत देते हैं।

इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार

चुकंदर और गाजर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचाव होता है।

शरीर को करे डिटॉक्स

कांजी शरीर से गंदे टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करती है। इसे नियमित पीने से खून साफ रहता है और शरीर अंदर से हल्का महसूस करता है।

एनर्जी और ताजगी दे

चुकंदर से बनी कांजी शरीर में तुरंत एनर्जी देती है और दिनभर फ्रेश महसूस कराती है।

वजन कंट्रोल में सहायक

कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने की वजह से कांजी वजन कंट्रोल करने में भी मददगार मानी जाती है।

कांजी बनाने की आसान रेसिपी

कांजी बनाने के लिए सामग्री

  • 1 मध्यम आकार का चुकंदर
  • 2-3 गाजर
  • 2 चम्मच सरसों के दाने (राई)
  • 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • स्वादानुसार नमक
  • 1 लीटर पानी

कांजी बनाने की विधि:

  • चुकंदर और गाजर को अच्छी तरह धोकर छील लें और लंबे पतले टुकड़ों में काट लें।
  • सरसों के दानों को हल्का दरदरा कूट लें।
  • एक कांच या मिट्टी के बर्तन में कटे हुए चुकंदर और गाजर डालें।
  • अब इसमें कुटी हुई सरसों, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिला लें।
  • ऊपर से पानी डालें और बर्तन को ढक दें।
  • इसे 3 से 4 दिन तक धूप में रख दें, ताकि कांजी अच्छी तरह फर्मेंट हो जाए।
  • जब कांजी हल्की खट्टी और खुशबूदार हो जाए, तो समझ लें यह पीने के लिए तैयार है।

कांजी पीने का सही तरीका क्या है?

कांजी को सुबह खाली पेट या दोपहर के खाने के साथ पीना सबसे अच्छा माना जाता है। दिन में 1 गिलास कांजी काफी होती है।

चुकंदर, गाजर और सरसों के दानों से बनी कांजी स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल है। इसे घर पर बनाना बहुत आसान है और इसके फायदे कई हैं। अगर आप कोई देसी, हेल्दी और ताजगी देने वाला ड्रिंक चाहते हैं, तो कांजी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

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Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं।  REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 19 January 2026 at 21:23 IST