1 नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित 'वोट चोरी रैली' में शामिल न होने पर कांग्रेस का एक्शन, इस राज्य के पदाधिकारियों को किया निलंबित, देखें LIST
पदाधिकारियों का निलंबन आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।
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मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने प्रदेश के 60 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोरी रैली’ में शामिल न होने के कारण की गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना और संगठनात्मक अनुशासनहीनता को आधार बनाते हुए यह कदम उठाया गया। युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव समेत कई पदाधिकारियों पर यह गाज गिरी है।
3 नवंबर 2026 को जारी निलंबन आदेश के अनुसार, इन पदाधिकारियों का निलंबन आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। इस कार्रवाई के दायरे में नौ जिला अध्यक्ष, पांच उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव शामिल हैं। MP यूथ कांग्रेस ने अपने X पोस्ट पर इसकी जानकारी देते हुए निलंबित पदाधिकारियों का नाम जारी किया है।
इन पदाधिकारियों का हुआ निलंबन
निलंबित जिला अध्यक्षों में मैहर के सौरभ शर्मा, आगर के पृथ्वीराज चौहान, नीमच के मनमोहन शक्तावत, बुरहानपुर के अर्जुन जांगले, अनूपपुर के मानवेंद्र मिश्रा, गुना के पंचम भील, बड़वानी के आदित्य गोयल, छतरपुर के मानवेंद्र सिंह परमार और भिंड के मनीष पुरोहित शामिल हैं। इन पदाधिकारियों को रैली में शामिल होने का निर्देश दिया गया था, जिसका आयोजन 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर किया गया था। निलंबन आदेश में उनकी अनुपस्थिति को "संगठनात्मक अनुशासनहीनता" बताया गया है।
क्यों लिया गया फैसला?
इस निलंबन को संगठनात्मक अनुशासन लागू करने और नेतृत्व के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कार्रवाई दिल्ली में कांग्रेस द्वारा 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर किए गए शक्ति प्रदर्शन के बाद हुई है। पार्टी नेतृत्व ने मध्य प्रदेश के पदाधिकारियों की अनुपस्थिति को काफी गंभीरता से लिया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 4 November 2026 at 17:19 IST