कौन है भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार? जान पर खेलकर सैकड़ों लोगों को रखा सुरक्षित; ट्रंप-मोदी से लेकर नेतन्याहू तक बहादुरी के हुए कायल
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान जोखिम में डालकर 174 यात्रियों की जान बचा ली। आज पूरी दुनिया में हर तरफ उनकी बहादुरी की तारीफ हो रहा है। तो आईए जानते हैं भारत के जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के बारे में...
- भारत
- 4 min read
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान जोखिम में डालकर 174 यात्रियों की जान बचा ली। आज पूरी दुनिया में हर तरफ उनकी बहादुरी की तारीफ हो रहा है। पीएम मोदी, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप से लेकर कई वैश्विक नेताओं पायलट के हिम्मत को सलाम किया है। कैप्टन स्मित मच्छार का बहादुरी देखने के बाद लोगों के मन अब बारे में सबकुछ जानने को उत्सुकता हो रही है। तो आईए जानते हैं भारत के जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के बारे में...
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से इजरायल जा रहे फ्लाईदुबई की यात्री विमान जब 34000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था तो अचानक कॉकपिट से चीखने की आवाज आने लगती है। को-पायलट (रिपोर्ट्स में ओमानी नागरिक बताया गया) ने विमान के कंट्रोल सिस्टम को नुकसान पहुंचाने और प्लेन को तेजी से नीचे ले जाने की कोशिश की। हाथापाई के दौरान आरोपी ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और हाथों में गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा।
कैप्टन मच्छार ऐसे बने रियल हीरो
इसके बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कंट्रोल को हमलावर के हाथों में पूरी तरह जाने से रोका। विमान लगभग एक मिनट के अंदर हजारों फीट तेजी से नीचे गिरा। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, क्रू और यात्रियों को सचेत किया। विमान में सवार यात्रियों और ऑन-बोर्ड मौजूद अन्य पायलटों की मदद से हमलावर को काबू में कर लिया गया। इसके बाद प्लेन को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सभी यात्री सुरक्षित हैं।
कौन है कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार एक अनुभवी भारतीय पायलट हैं। वे फ्लाईदुबई के बोइंग 737 बेड़े में डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे भारत की स्पाइसजेट एयरलाइन में करीब 11 साल (2011 से 2022) पायलट-इन-कमांड रहे। स्पाइसजेट में उन्होंने 6,400 से अधिक घंटे कमांड के रूप में उड़ान भरी और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन व सीनियर कमांडर के रूप में काम किया। कैप्टन स्मित मच्छार मूल रूप से गुजरात के एक नगर ब्राह्मण परिवार से आते हैं। उनके परिवार का मुख्य पेशा टेक्सटाइल बिजनेस से जुड़ा रहा है। स्मित का परिवार मुंबई में रहता है।
हवा में घंटों तक रहने का अनुभव
जून 2022 में वे फ्लाईदुबई से जुड़े। एयरलाइंस इस तरह की भर्ती उन पायलटों को सीधे कैप्टन की सीट पर रखने के लिए करती हैं जो पहले से ही किसी दूसरी एयरलाइन में विमान उड़ा रहे होते हैं। उनके पास बोइंग 737 (B737-800 और B737 MAX सहित) पर कुल 9,750 से अधिक घंटे का व्यावसायिक उड़ान अनुभव है। उन्होंने मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल की है। फिलहाल उन्होंने फ्लाइट उड़ाने की ट्रेनिंग न्यूजीलैंड में ली है।
नेतन्याहू ने कैप्टन की तारीफ में क्या कहा?
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन की तारीफ करते हुए लिखा, “चाकू से हमला होने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, हमलावर का विरोध किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और यात्रियों के साथ चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में सक्षम बनाया। इससे हवा में एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई।”
ट्रंप ने बताया मच्छार को हीरो
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उन्हें हीरो बताया। उन्होंने कहा कि पायलट की हालत बहुत खराब थी, लेकिन उसने समझदारी दिखाई, दरवाजा खोला और मदद के लिए चिल्लाया। ट्रंप के मुताबिक, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उन्हें फोन पर बताया कि सह-पायलट शायद आतंकी या कोई सिरफिरा था, जिसने अचानक पायलट पर चाकू से वार कर दिया।
PM मोदी हुए बहादुरी के कायल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन की बहादुरी को सलाम किया है। उन्होंने अपने X पोस्ट में लिखा- "कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। सबसे बड़े खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए बहुत हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन स्मित मच्छार पर गर्व है। उनके जल्द ठीक होने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं।"
कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस अनुभव और हिम्मत से एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और इलाज चल रहा है। उनका परिवार मुंबई से दुबई के लिए रवाना हो गया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 1 October 2026 at 11:11 IST