वायु सेना में 3000 घंटे तक उड़ान भरने का अनुभव... कौन हैं रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा? जो बने राम मंदिर ट्र्स्ट के पहले CEO

Ram Mandir CEO: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्‍ट के पहले CEO की कमान दी गई है। जितेन्द्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं। उनका वायुसेना में लंबा करियर रहा है।

 
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Operation Sindoor Hero Air Marshal (Retd) Jeetendra Mishra Appointed as CEO of Ayodhya Ram Mandir | Image: X, Republic

Ram Mandir CEO Jeetendra Mishra: बुधवार, 2 सितंबर को राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में ट्रस्‍ट के पहले CEO के नाम का ऐलान किया गया। राम मंदिर ट्रस्‍ट के पहले CEO जितेन्द्र मिश्रा को बनाया गया है। जितेन्द्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं।

जितेन्द्र मिश्रा एयर मार्शल के पद से सेवानिवृत्त हुए और भारतीय वायुसेना के पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनका वायुसेना करियर दिसंबर 1986 से अप्रैल 2026 तक रहा। इससे पहले वे एकीकृत रक्षा स्टाफ (ऑपरेशन) के उप प्रमुख के रूप में कार्यरत थे।

कौन हैं रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?

जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को वायु सेना अकादमी से भारतीय वायु सेना की लड़ाकू स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त हुआ था। मिश्रा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी , खड़कवासला और वायु सेना अकादमी , दुंडीगल के पूर्व छात्र हैं। इसके अलावा, जितेंद्र मिश्रा वायु सेना परीक्षण पायलट स्कूल , वायु कमान और स्टाफ कॉलेज , मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज , यूनाइटेड किंगडम के भी पूर्व छात्र हैं।

3000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव

जितेंद्र मिश्रा को 38 वर्षों से अधिक के अपने करियर में, उनके पास 3000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के लड़ाकू और परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों को उड़ाया है। जितेंद्र मिश्रा अत्यधिक अनुभवी लड़ाकू पायलट, लड़ाकू लड़ाकू नेता और प्रायोगिक परीक्षण पायलट हैं। 

जनवरी 2023 को एयर मार्शल के पद पर पदोन्नत

जितेंद्र मिश्रा 9 जनवरी 2023 को एयर मार्शल के पद पर पदोन्नत होने के बाद एकीकृत रक्षा स्टाफ (सिद्धांत, संगठन और प्रशिक्षण) के उप प्रमुख का पदभार ग्रहण किया। वो टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 विमानों पर लेजर-निर्देशित बमों को परिचालन में लाया था।

ऑपरेशन सिन्दूर में अहम भूमिका

जितेंद्र मिश्रा को ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान उनकी भूमिका के लिए स्वतंत्रता दिवस 2025 पर सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।  30 अप्रैल 2026 को वो एयर मार्शल से रिटायर्ड हो गए। अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है। 

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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 2 September 2026 at 16:50 IST