पश्चिम बंगाल में TMC से मोह भंग का सिलसिला जारी, BJP का दामन थाम सकते हैं कुलदीप माइती; मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ भाजपा का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। नई सरकार के गठन के साथ ही नए लोगों के जुड़ने का सिलसिला जारी है।
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पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ भाजपा का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। नई सरकार के गठन के साथ ही नए लोगों के जुड़ने का सिलसिला जारी है। खासकर, टीएमसी से मोह भंग के बाद कई सांसदों, नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं के जुड़ने की अटकलें चल रही हैं। इस बीच राजनीतिक गलियारों में कुलदीप माइती को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, माइती जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में भाजपा या कुलदीप माइती की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों का दावा है कि यदि यह निर्णय होता है तो उनकी सदस्यता किसी वरिष्ठ भाजपा नेता, संभवतः पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, की मौजूदगी में कराई जा सकती है। कुलदीप माइती पूर्वी भारत की प्रमुख माइक्रोफाइनेंस संस्था VFS Capital Ltd. के एमडी और सीईओ हैं। उन्हें माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में एक अनुभवी सामाजिक उद्यमी के रूप में जाना जाता है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने पूर्वी भारत में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और वर्तमान में 14 राज्यों में करीब 280 शाखाओं के माध्यम से चार लाख से अधिक महिला ग्राहकों को वित्तीय सेवाएं प्रदान कर रही है।
कुलदीप माइती के बारे में जानिए
कुलदीप सा-धान के बोर्ड मेंबर, विलेज वेलफेयर सोसाइटी के सहायक सचिव और वेस्ट बंगाल माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन्स एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य भी हैं। माइती के पास बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और सोशल सेक्टर में दो मास्टर डिग्री के साथ डॉक्टरेट की उपाधि भी है। माइती बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और सोशल सेक्टर में दो मास्टर डिग्री के साथ डॉक्टरेट की उपाधि भी हासिल कर चुके हैं। वे पिछले दो दशकों से महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के वित्तीय सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने कई सामाजिक और वित्तीय संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
बताया जा रहा है कि वीएफएस कैपिटल आने वाले समय में अपनी शाखाओं का विस्तार करने के साथ-साथ किफायती हाउसिंग और एमएसएमई लोन सेक्टर पर भी फोकस बढ़ा रही है। फिलहाल भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है। अपने काम और नेतृत्व के लिए माइती को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 10 July 2026 at 12:13 IST