बंगाल, केरल, तमिलनाडु... क्या चुनाव के नतीजों में इन राज्यों में होगा बड़ा उलटफेर? 2011 से लेकर अब तक का पूरा समीकरण समझें

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को आने वाले हैं, लेकिन उससे पहले सबसे बड़ा सवाल है कि क्या चुनाव के नतीजों में इन राज्यों में बड़ा उलटफेर होगा? 2011 से लेकर अब तक कुछ और ही कहानी कहता है।

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बंगाल, केरल, तमिलनाडु... क्या चुनाव के नतीजों में इन राज्यों में होगा बड़ा उलटफेर? | Image: Social media

Election Results: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद अब सभी पार्टियों की निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजे पर टिकी हुई हैं। जानकारों की मानें तो केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बड़े उलटफेर की संभावना जताई जा रही है। कई एग्जिट पोल में बंगाल में बीजेपी बढ़त बनाए हुई है। वहीं, केरल में सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी भी की जा रही है। हालांकि, असम और तमिलनाडु में मौजूदा सरकार अपनी कुर्सी बचाते हुए दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चुनाव के नतीजों में इन राज्यों में कोई बड़ा उलटफेर होने वाला है। 2011 से लेकर अब तक का पूरा समीकरण समझते हैं।

क्या बंगाल में होगा बड़ा उलटफेर?

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक नजरें बंगाल के नतीजे पर है। पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां एंटी-इनकंबेंसी मौजूद जरूर है, ऐसे में कई जानकारों का मानना है कि यहां बीजेपी सत्ता में आ सकती हैं, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहते हैं।

2011 पश्चिम बंगाल में जहां मौजूदा विधायक 42 फीसदी विधायक सीट बचाने में सफल रहे थे, वहीं 2016 में यह आंकड़ा 72 फीसदी तक पहुंचा गया था। हालांकि, 2021 में यह थोड़ा घटकर 63 फीसदी रह गया। ऐसे में माना जा रहा है कि 2026 विधानसभा चुनाव में बीजेपी सत्ता में आ सकती है।

तमिलनाडु में जीत प्रतिशत बढ़ते रहा

तमिलनाडु विधानसभा को लेकर सबसे खास बात यह है कि लगभग हर चुनाव में जीत प्रतिशत के आंकड़े बढ़ते गए हैं। तमिलनाडु की बात करें तो साल 2011 में 38 फीसदी, साल 2016 में 50 फीसदी और साल 2021 में 61 फीसदी विधायक अपनी-अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं। ऐसे में पूरे गणित को देखा जाए तो जीत का प्रतिशत लगातार बढ़ते ही रहा है। कई एग्जिट पोल में सत्ताधारी पार्टी अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब दिख रही है।

क्या केरल में लौटेगी पिनराई सरकार?

केरल को लेकर सबसे खास बात यह कि हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद आंकड़ों के अनुसार विधायकों की पकड़ मजबूत बनी रहती है। साल 2011 में 78 फीसदी, साल 2016 में 76 फीसदी और साल 2021 में 84 फीसदी विधायक अपनी-अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं। हालांकि, 2016 में 2 फीसदी का अंतर है, लेकिन कई एग्जिट पोल के अनुसार पिनारयी विजयन सरकार केरल से जाती हुई दिखाई दे रही है।  

असम में एक बार फिर बीजेपी

पिछले कुछ चुनावों में असम में मतदाताओं के व्यवहार में समय के साथ बड़ा बदलाव देखने को मिला है। साल 2011 में करीब आधे विधायक अपनी सीट बचाने में सफल रहे थे। हालांकि, 2016 में जीत प्रतिशत में भारी गिरावट देखा गया था। 

आंकड़ों प नजर डालें तो साल 2011 में 78 फीसदी, साल 2016 में 76 फीसदी और साल 2021 में 84 फीसदी विधायक दोबारा जीत गए। इस बीच कुल मिलाकर 3 चुनावों में 54 फीसदी की औसत सफलता रही। वहीं, कई एग्जिट पोल में मौजूदा बीजेपी फिर से असम में आने वाली है। अब तो 4 मई को मालूम चल ही जाएगा कि इन सभी राज्यों में सत्ताधारी पार्टी अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहती है या नहीं। 

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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 3 May 2026 at 21:45 IST