'7 बजे बाद घर से बाहर मत निकलो…', मतदान केंद्र पर पिता-बेटी की तीखी बहस, ममता सरकार की तारीफ पर भड़क उठी बच्ची
बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। यहां एक ही परिवार के दो पीढ़ियों के बीच बदलाव और नई सोच की लड़ाई दिखी। यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
West Bengal Election 2026: बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोटिंग जारी है। इस बीच मतदान केंद्र पर एक दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। यहां पिता और बेटी के बीच ही टकराव नजर आया। एक और पिता ने ममता बनर्जी की तारीफों के पुल बांधे, तो दूसरी तरफ बेटी ने टीएमसी सरकार की नाकामियों की पोल खोल दी।
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। इसी क्रम में एक पिता और बेटी वोट डालने पहुंचे। पहली बार वोट डालने आई बेटी उत्साह से भरी हुई थी। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि इस बार बदलाव की जरूरत है। बीजेपी को सत्ता में आना चाहिए क्योंकि युवा पीढ़ी को विकास और बेहतर भविष्य की तलाश है।
बच्ची ने खोली TMC सरकार की नाकामियों की पोल
वहीं उसके पिता तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थक रहे। उन्होंने सरकार की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि ममता दीदी अच्छा काम कर रही है। साथ ही ममता दीदी की सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। बेटी की बात पर वो कहते हैं कि बच्ची है और उसे ज्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि, पिता की बात को काटते हुए बच्ची बिना रुके सरकार की नाकामियों की पोल खोलती रही।
महिला सुरक्षा, जर्जर सड़कों समेत उठाए ये मुद्दे
बच्ची ने खास तौर पर खराब सड़कों की समस्या को उजागर किया। उसने महिलाओं की सुरक्षा, जर्जर सड़कें और तमाम अन्य मुद्दों को एक साथ उठाते हुए कहा कि राज्य में विकास के नाम पर सिर्फ खोखले वादे ही किए गए हैं। बेटी ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'मैं बचपन से देख रही हूं, जो सड़कें खराब थीं, वो आज भी वैसी ही हैं, न बनीं और न ही सुधरीं।' उसने डर जाहिर करते हुए कहा कि गड्ढों भरी इन सड़कों पर चलना ‘जानलेवा’ हो गया है।
'पापा शाम ढलते ही घर से निकलने नहीं देते'
इसके अलावा उसने महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि मेरे पिता मुझे रात को घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं देते। क्योंकि महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति इतनी खराब है कि शाम ढलते ही डर लगने लगता है। बच्ची ने यह भी कहा कि 'दीदी भी तो बोलती हैं कि 7 बजे के बाद बाहर मत निकलो। ऐसा क्यों होता है?'
इस घटना से साफ देखने को मिल रहा है कि बंगाल चुनाव न सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच, बल्कि परिवारों के अंदर भी पीढ़ीगत बदलाव और नई सोच की लड़ाई है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 23 April 2026 at 11:03 IST