UCC पर सीएम सुवेंदु अधिकारी का बड़ा बयान, छह महीने के भीतर पश्चिम बंगाल में लागू करने का किया वादा

CM Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने UCC को लेकर बड़ा बयान दिया है। रविवार को उन्होंने कहा कि छह महीने के अंदर राज्य में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा।

 
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UCC पर CM सुवेंदु का बड़ा बयान, छह महीने के भीतर राज्य में लागू करने का किया वादा | Image: ANI

CM Suvendu Adhikari: रविवार, 4 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने UCC को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि छह महीने के अंदर राज्य में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू किया जाएगा। इस दौरान सीएम ने जिसे 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' और धर्म परिवर्तन बताया, उसके खिलाफ कड़े कानून लागू करने का वादा भी किया। बता दें कि इससे पहले बीजेपी शासित राज्य उत्तराखंड और गुजरात में UCC लागू है। वहीं, अब पश्चिम बंगाल में इसे लागू करने को लेकर सियासी हलचल तेज है।

वचन देता हूं, 6 महीने के अंदर UCC लागू होगा-सीएम अधिकारी

यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सीएम सुवेंदु अधिकारी वादा करते हुए कहा कि “मैं आपको वचन देता हूं। बहुत जल्द, उत्तराखंड और गुजरात के बाद, पश्चिम बंगाल में UCC लागू किया जाएगा। मैं आपको वचन देता हूं, मुझे छह महीने दीजिए।”

'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' के लिए कड़े कानून होंगे- CM

उन्होंने आगे कहा कि "UCC के बाद लव जिहाद, लैंड जिहाद और धर्म परिवर्तन। सख्त कानून लाए जाएंगे, और उन्हें रोकने का काम किया जाएगा।" बता दें कि सीएम में ये सब दिवंगत VHP नेता अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के मौके पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा।

October 4, 2026

सरकार संविधान के दायरे में काम करेगी

अधिकारी ने कहा कि हिंदू समुदाय ताकत के इस्तेमाल से नहीं बना है और जिन्होंने हिंदू धर्म और हिंदू समाज का अपमान किया, उन्हें आखिरकार इसका नतीजा भुगतना पड़ा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार संविधान के दायरे में काम करते हुए सनातन परंपराओं, मंदिरों और भारत की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करेगी।

अधिकारी ने कहा, “आप निश्चिंत रह सकते हैं। सरकार संविधान को सबसे आगे रखकर काम करेगी। लेकिन सरकार भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं, मठों और मंदिरों और हमारी विरासत पर हमला नहीं होने देगी।”

पिछली सरकार पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'पिछली सरकार पश्चिम बंगाल में अलग-अलग कम्युनिटी और सोशल ग्रुप को बांटने की कोशिश करती थी। इस दौरान उन्होंने राजबंशी, मतुआ, कुर्मी और आदिवासी कम्युनिटी के साथ-साथ बंगाली और गैर-बंगाली पहचान का भी जिक्र किया।

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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 4 October 2026 at 20:02 IST