IMD Alert: देश के 13 राज्यों में बदलेगा मौसम का मिजाज, आंधी-तूफान के साथ 70KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
IMD Alert: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। एक ओर जहां उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, वहीं दूसरी ओर 13 राज्यों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आइए जानते हैं कि आपके शहर का क्या हाल है?
IMD Alert: भीषण गर्मी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आने वाले 3 से 4 दिनों में देश के 13 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इन राज्यों में 'थंडरस्क्वॉल' का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय जैसे राज्यों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसे तकनीकी भाषा में 'थंडरस्क्वॉल' कहा जाता है, जो अपने साथ तेज गर्जना और बिजली की चमक लेकर आता है।
इन राज्यों में बदलेगा मौसम
बिहार और झारखंड में 24 से 26 अप्रैल के बीच तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में विशेषकर उप-हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 5 दिनों तक मौसम खराब रहेगा।
उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ बारिश हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में भी धूल भरी आंधी चलने के आसार हैं।
दक्षिण भारत में केरल और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदल रहा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसे बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का सहारा मिल रहा है। इसके कारण मध्य और पूर्वी भारत के ऊपर एक 'ट्रफ लाइन' बन रही है, जो गरज-चमक वाले बादलों के निर्माण में मदद कर रही है।
IMD ने जारी किया अलर्ट
70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं काफी विनाशकारी हो सकती हैं। IMD ने किसानों और आम नागरिकों के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है।
तेज हवाओं के कारण दृश्यता कम हो सकती है और पेड़ गिरने से रास्ते बाधित हो सकते हैं। सफर के दौरान सावधानी बरतें।
आंधी के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
गर्मी से मिलेगी राहत?
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका था, वहां इस बारिश और आंधी के कारण पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, यह राहत अस्थायी होगी, क्योंकि मानसून से पहले की यह बारिश उमस भी बढ़ा सकती है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 23 April 2026 at 08:36 IST