संपत्ति सृजनकर्ताओं पर व्यवस्था की मार नहीं पड़नी चाहिए: जगदीप धनखड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वाणिज्य और व्यवसाय से जुड़े लोगों पर व्यवस्था की मार नहीं पड़नी चाहिए, क्योंकि वे ही नौकरी और संपत्ति के सृजनकर्ता हैं।
Jagdeep Dhankhar: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि वाणिज्य और व्यवसाय से जुड़े लोगों पर व्यवस्था की मार नहीं पड़नी चाहिए, क्योंकि वे ही नौकरी और संपत्ति के सृजनकर्ता हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि 'आर्थिक राष्ट्रवाद' का सिद्धांत कुछ व्यक्तियों के वित्तीय लाभ से अधिक महत्वपूर्ण है। धनखड़ ने यहां एक निजी शैक्षणिक संस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ''उन्होंने हमेशा इस बात की वकालत की है कि व्यापार, वाणिज्य, उद्योग से जुड़े लोगों पर व्यवस्था की मार नहीं पड़नी चाहिए। उन्हें समाज में सम्मान मिलना चाहिए।''
उपराष्ट्रपति का मानना है कि यह वर्ग नौकरी और संपत्ति का सृजन करता है और सामाजिक सद्भाव में योगदान देता है। उन्होंने कहा, ''वे अर्थव्यवस्था के चालक हैं... उन्होंने इस देश में समाज को कुछ वापस देने की कला सीखी है।'' उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी उद्यमियों का योगदान रहा है। उपराष्ट्रपति ने आर्थिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया, और कहा कि अनावश्यक आयात पर अंकुश लगाना चाहिए।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 10 November 2024 at 14:10 IST