Ram Mandir: 'PM मोदी से मेरी बात हुई, जेल जा सकते हैं चंपत राय', चढ़ावा चोरी मामले पर विनय कटियार का बड़ा दावा
Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की मुश्किलें भी बढ़ रही है। इस बीच अब बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा है कि आने वाले दिनों में यह लोग जेल भी जा सकते हैं।
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Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर पूर्व सांसद विनय कटियार का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि साफ है कि धन का गबन हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले को लेकर उनकी पीएम मोदी से बातचीत हुई है। कटियार ने कहा कि मामले में ऐसा हो सकता है कि आने वाले वाले दिनों में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, गोपाल राव और ट्रस्टी अनिल मिश्रा जेल जाएं।
विनय कटियार का बड़ा दावा
BJP नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने कहा कि यह स्पष्ट है कि धन का गबन हुआ है। मैंने इस मामले पर मोदी जी से बात की और उन्होंने पूछा कि भविष्य में क्या होगा। मैंने उन्हें बताया कि सब ठीक हो जाएगा। हो सकता है कि आने वाले दिनों में चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा को जेल जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए हम लोगों ने बलिदान दिया है। 7-8 लोग हमारे शहीद हो गए।
'गोपाल राव सबसे बेकार आदमी हैं'
कटियार के कहा कि गोपाल राव सबसे बेकार आदमी हैं। पता नहीं किसने उनको यहां भेजा। हम एक दिन मंदिर गए तो वहां गोपाल राव ने कहा कि आप किसकी अनुमति से आए हैं? इस पर हम घर आ गए। एक घंटे बाद फोन कर उनसे कहा कि तुम यहां नहीं रहने वाले हो, जल्द दक्षिण चले जाओगे।
वहीं, चंपत राय को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले वह मेरे घर के पीछे रहने आए थे। उस दौरान मैंने उनसे कहा था कि यहां कहां रहने चले आए। कारसेवकपुरम जाओ। अगर कुछ करना है तो मेरे घर पर चले आओ। तब उन्हें मेरी बात समझ में नहीं आई। मैंने उनसे कहा था कि लगता है कि आपका भाग्य ठीक नहीं है। अनिल मिश्रा को लेकर उन्होंने कहा कि वह सीधे आदमी है, लेकिन गलत चक्कर में फंस गए।
SIT की जांच जारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच जारी है। 6 जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद 13 जून को गठित एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है।
गुरुवार (2 जुलाई) को मामले में जांच आगे बढ़ाते हुए टीम ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से घंटों तक पूछताछ की थी। अब दूसरे चरण में SIT वित्तीय गड़बड़ियों का पूरा खेल उजागर करने के लिए ट्रस्ट के पांच साल के लेन-देन का ऑडिट कर रही है। SIT ने ट्रस्ट से अब तक हुए ऑडिट का पूरा लेखा-जोखा मांगा है, लेकिन कुछ ब्योरा अब भी नहीं मिला है। पूरा ब्योरा मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कहां कितनी और कैसी गड़बड़ी की गई।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 3 July 2026 at 13:41 IST