बंगाल: मदरसे में 'वंदे मातरम' जरूरी करने पर गरमाई सियासत, हुमायूं कबीर बोले- वहां नहीं होना चाहिए, क्योंकि मुसलमान कुरान पढ़ते हैं वो...
Vande Mataram: सरकारी स्कूलों के बाद अब पश्चिम बंगाल के मदरसों में भी राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का गायन अनिवार्य कर दिया गया है। इस बीच आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा 'मदरसों में ये नहीं होना चाहिए। अब बीजेपी ने भी पलटवार किया है।
Vande Mataram: पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी स्कूलों के बाद अब राज्य के सभी मदरसों में भी वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य कर दिया है। अब सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षा शुरू होने से पहले प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम गाना जरूरी होगा।
मदसरों से वंदे मातरम को अनिवार्य रूप से किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पक्ष और विपक्ष, दोनों एक-दूसरे पर तीखी टिप्पणी कर रहे हैं। इस बीच आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा 'ये सब स्कूल, कॉलेज सामान्य जगह पर होना चाहिए लेकिन मदरसों में ये नहीं होना चाहिए।' हुमायूं कबीर के बाद पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने भी पलटवार किया है।
बहुत पहले से हमारा स्टैंड घोषित है-समिक भट्टाचार्य
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल के मदरसों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को अनिवार्य करने पर कहा, "ये तो बहुत पहले से हमारा स्टैंड घोषित है। वंदे मातरम को कांग्रेस ने 1937 में खंडित किया था अगर इसे खंडित नहीं किया होता तो इस देश का बंटवारा भी नहीं होता।'
मदरसों में ये नहीं होना चाहिए-हुमायूं कबीर
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के मदरसों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को अनिवार्य करने पर कहा, "वहां पर वंदे मातरम करना नहीं चाहिए, क्योंकि मुसलमान कुरान पढ़ते हैं वो कोई जगह नहीं जहां वंदे मातरम किया जाए। भारत का नागरिक होने के नाते वंदे मातरम हर जगह बोल सकते हैं, लेकिन ये ऐसे जगह पर नहीं होना चाहिए। ये सब स्कूल, कॉलेज सामान्य जगह पर होना चाहिए लेकिन मदरसों में ये नहीं होना चाहिए।'
वंदे मातरम पर राजनीति करने वालों निराशा ही हाथ लगेगी
भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, "किसी की अपेक्षा उपेक्षा नहीं है, लेकिन भारत का राष्ट्रीय गीत है जो भारत के हर व्यक्ति में राष्ट्र प्रेम जागता है। हम तुष्टीकरण नीति के कारण भारत के राष्ट्रीय गीत जो हर व्यक्ति के दिलों में भारत माता के प्रति प्रेम की भावना, भारत माता के प्रति समर्पण की भावना को जागता है और भारत में रहना है तो वंदे मातरम गाना भी पड़ेगा और भारत माता के लिए त्याग की भावना को भी रखना पड़ेगा। इसमें कोई राजनीति अगर करना चाहता है तो उन्हें निराशा ही हाथ लगेगी।"
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 21 May 2026 at 20:05 IST