प्रेमानंद महाराज के शिष्‍य रसिक दुलारी की मौत खुदकुशी या कुछ और, कैसे कटा प्राइवेट पार्ट? कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर, पुलिस कर रही जांच

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्‍थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है।

 
Follow :
प्रेमानंद महाराज के शिष्‍य रसिक दुलारी की मौत खुदकुशी या कुछ और, कैसे कटा प्राइवेट पार्ट? कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर, पुलिस कर रही जांच | Image: X

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 वर्षीय शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्‍थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। प्रथम दृष्टिया ये माना जा रहा है कि चौथी मंजिल से कूदकर रसिक दुलारी ने खुदकुशी कर ली है। लेकिन उनका प्राइवेट पार्ट कटे होने से मामला संदिग्ध हो गया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच भी कर रही है। दीपक ने आत्महत्या क्यों की और उनका प्राइवेट पार्ट कैसे कटा यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। पुलिस को दीपक के कमरे से खून से सना ग्राइंडर मिला है। माना जा रहा है कि प्राइवेट पार्ट इससे ही काटा गया होगा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी में टॉप फ्लोर से छलांग लगाते दीपक दिख रहे हैं, लेकिन उन्‍होंने ऐसा क्यों किया, यह जांच का विषय है। उनका प्राइवेट पार्ट कटा होने से मामला और संदिग्ध हो गया है। ऐसा किसी और ने किया है या दीपक ने खुद ही, यह भी जांच का विषय है। पुलिस हर बिंदु से जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी अश्विनी कुमार ने बताया कि इमारत और उसके आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज चेक किए जा रहे हैं।

जबलपुर से प्रेमानंद महाराज की शरण में आया था दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि दीपक मृतक साधु मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। उन्होंने सितंबर 2015 में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा प्राप्त की थी, जिसके बाद उनका नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रख दिया गया था। वह कुछ समय से इसी चार मंजिला इमारत में रह रहे थे, जिसमें प्रेमानंद महाराज के करीब 50 अन्य दीक्षित शिष्य भी निवास करते हैं। हादसे के वक्त वह अपने कमरे में बिल्कुल अकेले थे।

मां बोली-पिछले साल हुई थी मुलाकात

दीपक की मां लोंग बाई पटेल ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे फोन पर सूचना दी थी कि दीपक की तबीयत खराब है। उन्होंने बताया कि पिछले साल वह दीपक से मिलने वृंदावन आयीं थी। वह दूसरी जगह रही थीं। तब वह पांच दिन वृंदावन रही थीं और दीपक ने उन्हें मथुरा-वृंदावन घुमाया था।

अस्पताल से मिली पुलिस को सूचना

सीओ संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को इस बारे में अस्पताल से सूचना मिली थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है और उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य एकत्रित किए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
 
इसे भी पढ़ें- कौन हैं भारत की अफसर बिटिया पेटल गहलोत जिन्‍होंने UNGA में पकड़ ली शहबाज की गर्दन, लादेन का नाम लेकर दुनिया के सामने खोल दी पाकिस्तान की पोल

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 26 September 2026 at 12:49 IST