अपडेटेड 10 March 2026 at 19:05 IST
UP Cabinet Decisions: खतौनी की जांच के बाद ही होगी जमीन की रजिस्ट्री, ओला-उबर को लेकर भी बदले नियम, योगी कैबिनेट में 30 प्रस्तावों पर मुहर
UP Cabinet Decisions: योगी सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में 30 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। इसमें जमीन रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कड़े नियम, ग्रामीण इलाकों के लिए बस सेवा सहित ओला-उबर का अनिवार्य पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
UP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और सुशासन से जुड़े 30 प्रस्तावों पर मुहर लगी। वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सरकार ने जमीनों की रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, वहीं ग्रामीण परिवहन और सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर सिंह ने अलग अलग विभागों के प्रस्तावों को मिली मंजूरी के बारे में बताया।
रजिस्ट्री से पहले खतौनी मिलान अनिवार्य
उत्तर प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए योगी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब प्रदेश में किसी भी जमीन की रजिस्ट्री तब तक नहीं हो सकेगी, जब तक उसके मालिकाना हक का मिलान राजस्व रिकॉर्ड यानी 'खतौनी' से नहीं कर लिया जाता। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब रजिस्ट्री से पहले स्वामित्व का गहन सत्यापन किया जाएगा। यानी अब बिना पुख्ता मिल्कियत सुनिश्चित किए कोई भी बैनामा संभव नहीं होगा।
अब हर गांव तक पहुंचेगी बस सेवा
ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026' को भी हरी झंडी दी है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा। खास बात यह है कि इन रूटों पर चलने वाली बसों को परमिट और टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
- गांवों की संकरी सड़कों को देखते हुए अधिकतम 7 मीटर लंबी और 28 सीटों वाली बसें चलाई जाएंगी।
- समय सारणी की बात करें तो ये बसें रात में गांवों में ही रुकेंगी और सुबह 10 बजे तक तहसील या जिला मुख्यालय पहुंचेंगी।
- इन बसों के चालक और परिचालक स्थानीय ग्रामीण ही होंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
ओला-उबर के लिए नए नियम
कैबिनेट ने एग्रीगेटर नीति के तहत ओला और उबर जैसी कैब कंपनियों के लिए भी नियम बदल दिए हैं। अब इन कंपनियों को उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में अपना अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आवेदन शुल्क 25,000 रुपये तय किया गया है और यह पंजीकरण 5 साल के लिए मान्य होगा।
सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती
दूसरी ओर, सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण नियमावली को सख्त किया गया है। अब यदि कोई कर्मचारी अपने 2 महीने के मूल वेतन से अधिक की चल संपत्ति (जैसे कार या सोना) खरीदता है, तो उसे सरकार को इसकी सूचना देनी होगी। साथ ही, 6 महीने के मूल वेतन से अधिक राशि शेयर बाजार में निवेश करने पर भी घोषणा अनिवार्य कर दी गई है।
घर खरीदारों को 'OTS' की सौगात
आवास विभाग ने विकास प्राधिकरणों के करीब 19 हजार डिफॉल्टरों को राहत देते हुए 'वन टाइम सेटलमेंट' (OTS) योजना को मंजूरी दी है। इससे लोग ब्याज और जुर्माने में छूट पाकर अपना बकाया जमा कर सकेंगे।
इसके अलावा, उच्च शिक्षा विभाग के तहत सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों के लगभग 1.28 लाख नियमित व स्व-वित्तपोषित शिक्षकों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को लेकर भी कई अहम प्रस्तावों को पास किया है, जिसमें-
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: जेवर एयरपोर्ट के संशोधित बजट को 3630 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
- चीनी निवेश में ढील: प्रदेश में विदेशी पूंजी निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए FDI नीति की शर्तों को सरल बनाया गया है।
- नए शहरों का विकास: मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत बरेली, वाराणसी और अयोध्या समेत 8 शहरों के लिए बजट स्वीकृत किया गया।
- अयोध्या स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: अयोध्या के वशिष्ठ कुण्ड में एक भव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु नजूल भूमि हस्तांतरण को मंजूरी मिली।
- नये शहरों का विकास: मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ में विकास हेतु धनराशि स्वीकृत की गई।
- मेरठ में लॉजिस्टिक्स क्लस्टर: अटल इण्डस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत मेरठ में एक्सप्रेसवे के पास इण्टीग्रेटेड मैनुफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (IMLC) की स्थापना को मंजूरी मिली।
- कानपुर ट्रान्सगंगा सिटी: कानपुर में ट्रान्सगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर 04 लेन सेतु और पहुँचमार्ग निर्माण के प्रस्ताव को पास किया गया।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 10 March 2026 at 19:05 IST