अपडेटेड 27 October 2025 at 14:08 IST
'राम मंदिर पर हमले की साजिश रच रहा था अदनान...', यूपी ATS की पूछताछ में कई बड़े खुलासे, भोपाल से हुई थी गिरफ्तारी
भोपाल के रहने वाले अदनान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। शनिवार को UP ATS ने उससे पूछताछ की, उसके निशाने पर राम मंदिर समेत कई धार्मिक स्थल थे।
Ram Temple Attack Conspiracy : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा भोपाल से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी अदनान के निशाने पर राम मंदिर समेत कई धार्मिक स्थल थे। अदनान ISIS की कट्टर विचारधारा से प्रभावित बताया जा रहा है, वो राम मंदिर समेत उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमले की योजना रच रहा था।
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीम अदनान से पूछताछ करने दिल्ली पहुंची थी। उसने UPATS को बताया कि राम मंदिर समेत उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमले की योजना रच रहा था। दिल्ली पहुंची यूपी एटीएस की टीम ने उससे शनिवार को पूछताछ की है।
जज को भी दी थी धमकी
अदनान का नाम पहली बार तब चर्चा में आया जब उसने 2024 में वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का आदेश देने वाले हाईकोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर को धमकी दी। अदनान ने जज को हत्या करने की धमकी दी थी। इस घटना के बाद यूपी एटीएस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अदनान को भोपाल से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसके ISIS से जुड़े होने के सुराग मिले, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
हालांकि, अदनान को करीब पांच महीने बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। लेकिन रिहाई के बाद भी उसकी गतिविधियां संदिग्ध बनी रहीं। दिल्ली पहुंची यूपी एटीएस की टीम ने शनिवार को अदनान से दोबारा गहन पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पूछताछ के दौरान अदनान ने स्वीकार किया कि वह राम मंदिर अयोध्या के अलावा यूपी के अन्य महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थस्थलों पर हमले की साजिश रच रहा था।
ISIS के प्रचार दिया बढ़ावा
ATS के अनुसार, अदनान ने सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टर सामग्री साझा की और ISIS के प्रचार को बढ़ावा दिया। उसकी नाराजगी का मुख्य कारण मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों पर सर्वे और विवादों को माना जा रहा है। अदनान ने खुद बताया कि वह इन घटनाओं से आहत था और बदला लेने की ठान ली थी। ATS अब यह पता लगाने में जुटी है कि अदनान यूपी के किन-किन शहरों में कब-कब गया और कितनी बार यात्रा की। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह अयोध्या, वाराणसी और दूसरे संवेदनशील इलाकों में कई बार घूमा, जहां वह स्थानीय नेटवर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहा था।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 27 October 2025 at 13:41 IST