राहुल गांधी कहां हैं? 'नो फिकर मोड' में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रही कांग्रेस, चर्चा हुई तेज
बिहार विधानसभा चुनावों से राहुल गांधी की अनुपस्थिति ने कांग्रेस में हलचल मचा दी है। राहुल 1 सितंबर, 2025 के बाद बिहार में नजर नहीं आए थे। सीट बंटवारे पर भी राहुल ने अशोक गहलोत को भेजा था, जिससे VIP को फायदा और कांग्रेस को नुकसान हुआ।
- चुनाव न्यूज़
- 4 min read

Bihar elections : बिहार विधानसभा चुनावों में हर पार्टी ने जान फूंक दी है, लेकिन राहुल गांधी कहां हैं? जैसे-जैसे बिहार चुनाव के लिए मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। राहुल गांधी करीब पिछले दो महीनों से बिहार में किसी भी चुनावी कार्यक्रम में नजर नहीं आए। यह भले ही उनके लिए रणनीतिक चुप्पी हो सकती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कांग्रेस को इससे नुकसान हो रहा है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी बिहार के समर छठ पूजा के बाद उतर सकते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव की घड़ी जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैसे-वैसे ही विपक्षी महागठबंधन पर राहुल गांधी की गैरमौजूदगी के सवालों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल ने आखिरी बार 1 सितंबर को बिहार का दौरा किया था, जब उन्होंने पटना में अपनी 'मतदाता अधिकार यात्रा' की समापन रैली को संबोधित किया था। यह यात्रा 17 अगस्त, 2025 को सासाराम से शुरू होकर 20 जिलों को कवर करते हुए चली थी।
NDA उठा रहा सवाल
राजनीतिक गलियारों में 'राहुल गांधी कहां हैं?' का सवाल गूंज रहा है। BJP समर्थक और NDA इसे कांग्रेस की कमजोरी बता रहे हैं, जबकि महागठबंधन के नेता इसे 'रणनीतिक विराम' करार दे रहे हैं। तेजस्वी यादव की रैलियों में भारी भीड़ देखकर विपक्ष को मजबूती मिल रही है, लेकिन राहुल की अनुपस्थिति ने आंतरिक असंतोष भी पैदा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
1 सितंबर के बाद से राहुल गांधी बिहार से दूर ही रहे। 20 अक्तूबर, 2025 को दीवाली पर उनका पुरानी दिल्ली में इमरती बनाने का वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद बिहार के कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए कि जब नीतीश कुमार बीमार होने के बावजूद दर्जनों सभाएं कर रहे हैं, तो हमारा नेता कहां हैं?
Advertisement
कांग्रेस की मेहनत पर पानी
कांग्रेस, महागठबंधन में बिहार चुनाव लड़ रही है। हालांकि अभी तक सीटों का कोई आधिकारिक बंटवारा नहीं हुआ है, लेकिन कांग्रेस को 243 सीटों में से 61 सीटें मिली हैं, जबकि आरजेडी 143 सीटों पर लड़ेगी। लेकिन अंतिम बंटवारे की चर्चाओं में राहुल गांधी ने अपने ‘राजदूत’ के रूप में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजा था।
अशोक गहलोत की मध्यस्थता से विकसशील इंसान पार्टी (VIP) को फायदा हुआ। कांग्रेस को महागठबंधन में उप मुख्यमंत्री का पद भी नहीं मिला। जिस कांग्रेस पार्टी को साल 2020 के चुनाव में महागठबंधन में सीट शेयरिंग में 70 सीटें दी गई थीं और तब 19 सीटों पर जीत भी हासिल की थी। इस बार भी पार्टी ने 61 सीटों पर अपने उम्मीदवार को उतारा है, लेकिन डिप्टी सीएम के चेहरे की बात आई तो VIP के मुकेश सहनी आगे निकल गए। मुकेश सहनी की पार्टी को महागठबंधन में मात्र 15 सीटें मिली हैं। लेकिन डिप्टी सीएम का चेहरा बनकर सहनी ने कांग्रेस की मेहनत और साख पर सवाल खड़ा कर दिया है।
Advertisement
बिहार चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर 2025 को होंगे, जबकि 14 नवंबर को मतगणना होगी। NDA ने पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे दिग्गजों को मैदान में उतार दिया है। वहीं, महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव सक्रिय हैं, लेकिन कांग्रेस में जमीनी अभियान की कमी ने गठबंधन को कमजोर किया है। 2020 के चुनावों में कांग्रेस ने 19 सीटें जीती थीं।