अपडेटेड 23 February 2026 at 14:37 IST
Avimukteshwaranand: 'जिन छात्रों की बात हो रही है, वे हमारे गुरुकुल में...', यौन शोषण के आरोपों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान
यौन शोषण के आरोप में FIR दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ के लिए झूंसी पुलिस की टीम बनारस पहुंची है। इस बीच अपने ऊपर लगे आरोपों पर अविमुक्तेश्वरानंद ने सफाई दी है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है। पांच सदस्यीय टीम सबूत जुटाने और पीड़िताओं के बयान दर्ज करने में लगी है तो दूसरी ओर पुलिस एक टीम अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ के लिए बनारस पहुंची है। अविमुक्तेश्वरानंद को हिरासत में लेकर पूछताछ हो सकती है। इस बीच शंकराचार्य ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, "हम समय-समय पर जनता से मिलते हैं। यह सरकार चाहती है कि हम ही धर्मचारी और सरकार हो। देश में 4 शंकराचार्य हैं जो सनातन धर्म की रक्षा करते आए हैं। अब इन्होंने उन पर प्रहार करना शुरू कर दिया है। मगर सच्चाई कभी समाप्त नहीं होती है बल्कि वह सदा बनी रहती है।"
शंकराचार्य ने राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
शंकराचार्य ने आगे कहा, "गौ हत्या की बंदी की आवाज उठी है और हम इस आवाज को और बुलंद करते रहेंगे। ये लोग जनता का ध्यान दूसरी ओर ले जाना चाहते हैं। देश की जनता चाहती है कि गौ माता की रक्षा हो। चारों पीठों के शंकराचार्यों से मिलकर हम गौ माता की रक्षा का यह आंदोलन चला रहे हैं।"
यौन शोषण के आरोपों पर अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या कहा?
वहीं, यौन शोषण के आरोपों पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "जिन छात्रों की बात हो रही है, वे हमारे गुरुकुल के नहीं हैं। वो छात्र ना कभी हमारे गुरुकुल में आए, ना पंजीकरण हुआ और ना ही पढ़ाई की। पुलिस ने जो मार्कशीट जमा की है, उससे पता चला कि ये छात्र हरदोई के हैं और ये कभी हमारे गुरुकुल नहीं आए हैं। ये हरदोई के छात्र हैं, इनसे हमारा क्या लेने देना।"
झोंसी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज
आपको बता दें कि FIR झोंसी पुलिस स्टेशन में दर्ज की जाएगी। ADJ (POCSO एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया ने शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की तरफ से कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) के सेक्शन 173(4) के तहत दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया, जिसमें FIR दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि माघ मेले के दौरान आश्रम में दो नाबालिग बच्चों (14 और 17 वर्षीय) के साथ यौन शोषण किया गया, जिसे 'गुरु सेवा' के बहाने अंजाम दिया गया। पीड़ितों के हलफनामे और पुलिस कमिश्नर की प्रारंभिक जांच के आधार पर अदालत ने कार्रवाई का निर्देश दिया। FIR में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं 3, 4(2), 5, 6, 16 और 17 लगाई गई हैं। पुलिस ने अब जांच तेज कर दी है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 23 February 2026 at 13:52 IST