कितनी सीट देंगे अखिलेश यादव? यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने भेजी इतनी सीटों की सूची, बनेगी बात या फिर...

यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने सपा के साथ संभावित गठबंधन की रूपरेखा तय करने के लिए सीटों का एक शुरुआती खाका सौंप दिया है। दिल्ली में कांग्रेस की आज अहम बैठक होनी वाली है।

 
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Akhilesh Yadav & Rahul Gandhi | Image: ANI

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सीटों को लेकर भी सभी दलों में मंथन शुरू हो गया है। एक तरफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की, वहीं दूसरी तरफ खबर आ रही है कि कांग्रेस ने सपा के साथ संभावित गठबंधन की रूपरेखा तय करने के लिए सीटों का एक शुरुआती खाका सौंप दिया है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अखिलेश यादव को 135 सीटों की सूची भेजी है। अखिलेश यादव फिलहाल कांग्रेस को करीब 80 सीटें देने के लिए तैयार बताए जा रहे हैं। एक तारीख को रामलीला मैदान में कांग्रेस की बड़ी रैली प्रस्तावित है। रैली की तैयारियों में पार्टी के नेता जुटे हुए हैं। इसके बाद दोनों दलों के नेता सीटों पर सहमति बनाने के लिए साथ चर्चा करेंगे।

दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की अहम बैठक

शुक्रवार, 23 अक्टूबर को दिल्ली में यूपी कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक शाम 5 बजे होनी है। इसमें उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी। बता दें कि सपा और कांग्रेस के बीच औपचारिक गठबंधन की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस अपनी चुनावी तैयारियां शुरू कर चुकी है। यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने उन सीटों की जानकारी जुटा ली है, जहां से पार्टी चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। 19 अक्टूबर को प्रियंका गांधी ने यूपी कांग्रेस के नेताओं के साथ सीटों को लेकर बैठक भी की थी।

जेल में आजम खान से मिले अखिलेश

इस बीच गुरुवार को अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से लगभग 45 मिनट तक मुलाकात की। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अखिलेश अपने साथ एक विशेष सूची लेकर गए थे, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटें, मतदाता सूची संबंधी दावे और गठबंधन के संभावित उम्मीदवारों से जुड़े आंकड़े शामिल थे। मुलाकात के दौरान आगामी चुनावों की रणनीति, मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट रखने के तरीकों और चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

सीटों पर हुई बातचीत

जेल से बाहर निकलकर अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान ने चुनाव और संगठन को लेकर कई बहुमूल्य सुझाव दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि समाजवादी पार्टी का एकमात्र लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को हराना है और इस दिशा में आजम खान का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण है। दरअसल, सपा और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव तो लड़ना चाहती हैं, लेकिन सीट शेयरिंग का पेंच फंसता नजर आ रहा है।

 कांग्रेस का बड़ा टारगेट

एक तरफ कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा सीटों पर लड़ने का टारगेट लेकर चल रही है तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने भी सीट शेयरिंग का अलग ही फार्मूला बताया है। बता दें कि साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा अकेले दम पर मैदान में उतरी थी। चुनाव में पार्टी को बीजेपी के हाथों करारी हार मिली थी। भाजपा गठबंधन ने 273 सीटें जीतकर दोबारा सत्ता हासिल की थी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने थे।

 बनेगी बात या फिर...

वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और सपा ने गठबंधन किया था। कुल 80 लोकसभा सीटों में से समाजवादी पार्टी 63 सीटों पर और कांग्रेस 17 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस गठबंधन को चुनाव शानदार सफलता मिली थी और उसने राज्य की 80 में से 43 सीटें जीती थीं। इसमें अकेले समाजवादी पार्टी को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं। अब देखना होगा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अखिलेश यादव कितनी सीट देंगे ? सीटों पर बात बनेगी या फिर राहें अलग हो जाएगी?
 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 23 October 2026 at 15:02 IST