ग्रेटर नोएडा की एल्डिको सोसाइटी में दर्दनाक हादसा, STP टैंक में उतरे सफाईकर्मी और सिक्योरिटी गार्ड की मौत; जहरीली गैस से दम घुटा
ग्रेटर नोएडा की एल्डिको सोसाइटी में सीवेज टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहरीली गैस के कारण दम घुटने से सफाईकर्मी और उसे बचाने उतरे सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई।
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Greater Noida news: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित 'एल्डिको' सोसाइटी में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की वजह से दम घुटने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक सफाई कर्मचारी और एक सिक्योरिटी गार्ड शामिल हैं। इस हादसे के बाद पूरी सोसाइटी में हड़कंप मच गया।
बचाने उतरे गार्ड की भी गई जान
मामले को लेकर जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक सोसाइटी के अंदर एसटीपी टैंक की सफाई का काम चल रहा था। सफाई के लिए एक कर्मचारी टैंक के अंदर उतरा था। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड उसे बचाने के लिए खुद टैंक के अंदर उतर गया।
कुछ देर बाद जब दोनों ही बाहर नहीं निकले, तो मामले की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान 40 साल के सफाई कर्मचारी शशिकांत शर्मा और 22 साल के सिक्योरिटी गार्ड आकाश के रूप में हुई है।
SDM ने घटना को लेकर क्या बताया?
घटना की जानकारी देते हुए एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया, "सुबह करीब 5 बजे सूचना मिली थी कि एक हाउसिंग सोसाइटी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई के दौरान दो लोगों की मौत हो गई है। प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, मौत की वजह टैंक में जहरीली गैस का रिसाव होना है। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की गई है। मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परिवारों को राज्य सरकार द्वारा तय आर्थिक सहायता जल्द से जल्द मिले।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस पूरे हादसे की गहनता से जांच कर रहा है। जांच की जा रही है कि एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इसके साथ इस बात की भी पड़ताल हो रही है कि सफाई के वक्त कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। अगर इस मामले में सोसाइटी प्रबंधन या ठेकेदार की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 26 July 2026 at 13:38 IST