ग्रेटर नोएडा में फिर बड़ा हादसा: 15 फीट गहरे 'मौत के गड्ढे' में डूबने से 6 साल के मासूम की मौत, युवराज हादसे से भी प्रशासन ने नहीं ली सीख
ग्रेटर नोएडा में फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। कलाधाम सोसायटी के पास 15 फीट गहरे खुले और पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 6 साल के मासूम अव्यान की दर्दनाक मौत हो गई। इस गड्ढे के पास सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था।
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Greater Noida news: ग्रेटर नोएडा में 'मौत के गड्ढे' ने छह साल के मासूम अव्यान की जिंदगी छीन ली है। नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास शनिवार देर शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। करीब 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सीवान यादव के 6 साल के मासूम बेटे अव्यान की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए प्राधिकरण की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
कैसे हुआ ये हादसा?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार (25 जुलाई) शाम मासूम अव्यान सोसाइटी के पास ही अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक बारिश के पानी से भरे उस गड्ढे के पास पहुंच गया, जहां न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान पैर फिसलने से बच्चा गहरे पानी में जा गिरा।
अव्यान के गड्ढे में गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय निवासियों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
लोगों ने लगाए लापरवाही के आरोप
जहां 6 साल के मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है, तो वहीं स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। लोगों ने बताया कि यह गड्ढा बोरिंग के लिए कई दिन पहले खोदा गया था। हाल ही में हुई बारिश की वजह इसमें पानी भर गया, लेकिन निर्माण या खुदाई कराने वाली एजेंसी ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए।
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पीड़ित परिवार ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसरों और ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने थाने में लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, नॉलेज पार्क थाने के प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद जो भी दोषी मिलेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
पुरानी घटनाओं से भी नहीं ली सीख
शहर में लापरवाही की वजह से किसी की जान जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन साइट के पास खोदे गए गहरे और खुले गड्ढे में गिरने से युवराज मेहता नाम के युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस वक्त प्राधिकरण ने पूरे शहर के खुले गड्ढों की घेराबंदी और सुरक्षा ऑडिट कराने के दावे किए थे, लेकिन अव्यान की मौत यह साबित करती है कि प्रशासन के वे आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए और जमीनी हकीकत आज भी जानलेवा बनी हुई है।