अपडेटेड 12 January 2026 at 11:08 IST

खौफनाक! संभल में 9 साल की बच्ची को आवारा कुत्तों ने नोच-नोचकर मार डाला, हाथ उखाड़कर लेकर भागे... सदमे में पूरा गांव 

Sambhal stray dogs attack: संभल में दर्जनभर आवारा कुत्तों ने 9 साल की बच्ची पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। बच्ची मां और दादी के साथ चारा लेने जा रही थी।

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Sambhal stray dogs attack: उत्तर प्रदेश के संभल से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के गांव पोटा में 9 साल की मासूम बच्ची को आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया। बच्ची अपनी मां और दादी के साथ खेत से पशुओं के लिए चारा लेने जा रही थी, तभी दर्जनभर कुत्तों ने हमला कर दिया।

कुत्तों ने बच्ची पर इतनी बुरी तरह हमला किया कि उसका हाथ नोंचकर अलग कर दिया और कुत्ते हाथ को साथ ले गए, बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। बच्ची के पूरे शरीर पर गहरे जख्म के निशान थे। परिवार वाले इस वक्त सदमे में हैं और गांव में दहशत का माहौल है।

श्मशान घाट के पास कुत्तों ने बनाया शिकार

पोटा गांव में यह दर्दनाक घटना तब हुई जब 9 साल की मासूम बच्ची रिया गौतम अपनी मां और दादी के साथ खेत से बकरी-भैंसों के लिए चारा लेने गई थी। मां और दादी चारा इकट्ठा कर रही थीं, जबकि रिया थोड़ा पीछे रहकर इधर-उधर घूम रही थी। इसी दौरान श्मशान घाट के पास पहले से घूम रहे 10 से 15 आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे अकेला देखकर अचानक हमला कर दिया।

बच्ची के हाथ को कंधे से काट ले गए कुत्ते

कुत्तों ने बच्ची को बुरी तरह नोचा, उसके पूरे शरीर पर गहरे जख्म कर दिए और एक हाथ कंधे से अलग करके काट लिया। बच्ची की चीख सुनकर मां-दादी दौड़कर आईं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह कुत्तों के झुंड को भगाकर बच्ची को बचाया, लेकिन कुत्ते उसका कटा हुआ हाथ लेकर भाग गए। बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। गांव वाले बता रहे हैं कि पिछले 6 महीने से इसी इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक है और पहले भी कई हमले हो चुके हैं, लेकिन कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जाती। यह घटना बेहद दिल दहला देने वाली है।

आवारा कुत्तों के हमलों से सतर्क रहना जरूरी

यह घटना आवारा कुत्तों की समस्या को उजागर करती है। ग्रामीण इलाकों में कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय है। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन आवारा कुत्तों से सतर्क रहना जरूर हो गया है। कुत्तों के हमलों से बचने के लिए ग्रामीणों को सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों को अकेले न भेजें और स्थानीय अधिकारियों से मदद लें। यह खबर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा जानवरों की समस्या पर ध्यान देने को मजबूर करती है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 12 January 2026 at 11:08 IST