Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चढ़ावे चोरी की रिपोर्ट SIT टीम ने सरकार को सौंपी, कई कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने की सिफारिश

राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन की जांच कर रही 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी है।

 
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राम मंदिर चढ़ावे चोरी की रिपोर्ट SIT टीम ने सरकार को सौंपी | Image: ANI

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे गबन मामले की जांच का जिम्मा सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) को सौंपा है। तीन सदस्यीय एसआईटी की टीम ने आज, 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को दी गई है। इस रिपोर्ट में क्या है फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मगर सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई है।


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंदा चोरी मामले की जांच का जिम्मा SIT को सौंपा था। गठित इस SIT की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। टीम में आईजी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।  सोमवार (15 जून) को टीम मंदिर पहुंची थी और जांच शुरू की थी।

SIT ने सौंपी सरकार को जांच रिपोर्ट

SIT ने अयोध्या में छह दिन रहकर जांच की और इस दौरान पांच दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद मंगलवार को  3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी। जांच समिति को 7 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था।

June 23, 2026

रिपोर्ट पर SIT प्रमुख ने क्या कहा?

SIT प्रमुख विजय विश्वास पंत ने रिपोर्ट सौंपने के बाद कहा, “हमने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। यह गोपनीय है, इसलिए हम अभी इसके बारे में विस्तार से कुछ नहीं बता सकते। हमने अपनी जांच के निष्कर्ष उन्हें उपलब्ध करा दिए हैं।”

June 23, 2026

रिपोर्ट में मुख्य बातें

हालांकि रिपोर्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। मगर सूत्रों मुताबिक SIT ने रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की सिफारिश की है। 

  • अभी तक किसी भी व्यक्ति को क्लीन चिट नहीं दी गई है।
  • कुछ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
  • गणना कर्मचारियों के चयन की प्रक्रिया और उनके साथ ट्रस्ट पदाधिकारियों के संभावित संबंधों की भी गहन पड़ताल की गई।
  • मंदिर की आंतरिक व्यवस्था और संचालन के लिए जिम्मेदार कुछ अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में है।
  • प्रशासनिक निगरानी तंत्र और जवाबदेही से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रिपोर्ट में प्रकाश डाला गया है।


बता दें कि रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। मामले में यदि बड़े स्तर पर अनियमितताएं पाई गई हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कुल आठ करोड़ रुपये से ज्यादा की गड़बड़ी के सबूत मिले हैं। फिलहाल जांच एजेंसी ने 2.98 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 23 June 2026 at 14:33 IST