अपडेटेड 26 March 2026 at 13:15 IST

28 मार्च को PM Modi करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, जानें शुरुआती क्षमता और भविष्य की योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात की भीड़ कम होगी, क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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Noida International Airport | Image: ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। इस दौरान वे गौतम बुद्ध नगर के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। सुबह करीब 11:30 बजे पीएम एयरपोर्ट के टर्मिनल बिल्डिंग का निरीक्षण करेंगे और दोपहर 12 बजे फेज-1 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे वहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित इस एयरपोर्ट पर फेज-1 के लिए करीब 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के साथ मिलकर क्षेत्र की बढ़ती हवाई यातायात की जरूरतों को पूरा करेगा। दोनों एयरपोर्ट मिलकर दिल्ली-एनसीआर को विश्व स्तर के एविएशन हब में बदलने में मदद करेंगे।

शुरुआती क्षमता और भविष्य की योजना

जेवर एयरपोर्ट की यात्री क्षमता शुरू में 1 करोड़ 20 लाख पैसेंजर्स पर ईयर रखी गई है। बाद में इसे बढ़ाकर 7 करोड़ पैसेंजर्स पर ईयर (70 MPPA) तक किया जाएगा। एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा रनवे है, जो बड़े वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट को आसानी से हैंडल कर सकेगा। इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम (ILS) और एडवांस्ड लाइटिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे साल भर, 24 घंटे सुरक्षित उड़ान संचालन संभव होगा।

कार्गो और MRO सुविधा

एयरपोर्ट में मल्टी-मॉडल कार्गो हब भी बनाया गया है। शुरू में यह 2.5 लाख मीट्रिक टन कार्गो हैंडल कर सकेगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है। साथ ही 40 एकड़ में एक समर्पित मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी विकसित की गई है।

मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सिर्फ एयरपोर्ट नहीं, बल्कि एक पूरे मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सड़क, रेल, मेट्रो और रीजनल ट्रांजिट सिस्टम का बेहतरीन इंटीग्रेशन होगा। यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित होने के कारण यह दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों से बेहद अच्छी कनेक्टिविटी देगा।

यह एयरपोर्ट नेट-जीरो एमिशन लक्ष्य के साथ बनाया जा रहा है। इसमें ऊर्जा बचत वाले सिस्टम और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकें इस्तेमाल की गई हैं। टर्मिनल की आर्किटेक्चर भारतीय विरासत से प्रेरित है। इसमें पारंपरिक घाटों और हवेलियों जैसी सुंदर डिजाइन एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं, जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भारतीय सौंदर्य से जोड़ते हैं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 26 March 2026 at 13:15 IST