इंदौर को पछाड़ लखनऊ बना स्वच्छ वायु वाला देश का नंबर वन शहर, आगरा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज ने भी लिस्ट में जगह बनाई
लखनऊ पहली बार इंदौर को पीछे छोड़ते हुए देश में सबसे स्वच्छ शहर बन किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कराए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने बाजी मार ली।
- भारत
- 3 min read
लखनऊ पहली बार इंदौर को पीछे छोड़ते हुए देश में सबसे स्वच्छ शहर बन किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कराए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने बाजी मार ली।
लखनऊ ने 198 अंक के साथ प्रथम स्थान जबकि इंदौर 197 और जबलपुर 195 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं। यह उपलब्धि केवल राजधानी लखनऊ तक सीमित नहीं है। प्रदेश के कुल 16 शहरों ने अलग-अलग आबादी वर्गों में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है।
यूपी के इन शहरों ने भी दिखाया दम
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। आगरा 192 अंकों के साथ चौथे, गाजियाबाद 184 अंकों के साथ नौवें, कानपुर 183.2 अंकों के साथ 11वें और प्रयागराज 180 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहा। मेरठ 22वें और वाराणसी 34वें स्थान पर रहे। इस रैंकिंग से यह संकेत मिलता है कि स्वच्छ हवा को लेकर प्रदेश के बड़े शहरों में किए जा रहे प्रयासों का असर व्यापक स्तर पर दिखाई दे रहा है।
3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में भी यूपी का दबदबा
मध्यम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद ने 195 अंक हासिल कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। शहर में कांच उद्योगों को स्वच्छ प्राकृतिक गैस ईंधन की ओर तेजी से स्थानांतरित करने को अहम उपलब्धि माना गया। झांसी 192.5 अंकों के साथ पांचवें, जबकि मुरादाबाद और नोएडा 187.5-187.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर रहे। गोरखपुर 22वें और बरेली 26वें स्थान पर रहा।
छोटे शहरों में भी बेहतर प्रदर्शन
तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी यूपी के शहरों ने प्रभावी प्रदर्शन किया। रायबरेली 180.5 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रहा। अनपरा 29वें, खुर्जा 30वें और गजरौला 31वें स्थान पर रहे। इन शहरों में धूल नियंत्रण और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों को प्रमुखता मिली।
पुरस्कार में मिली इतनी राशि
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है। श्रेणी-1 में लखनऊ नगर निगम को प्रथम पुरस्कार हासिल करने के साथ ही 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली है। वहीं श्रेणी-2 में फिरोजाबाद नगर निगम को प्रथम पुरस्कार के साथ 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है। वार्ड स्तर पर भी प्रदेश को महत्वपूर्ण सफलता मिली। लखनऊ नगर निगम के वार्ड-70 को प्रथम पुरस्कार के साथ 50 लाख रुपये, प्रयागराज नगर निगम के वार्ड-31 ने तृतीय पुरस्कार के साथ 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है।
लखनऊ की उपलब्धि प्रदेश के लिए नई प्रेरणा
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के शहरों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। लखनऊ ने स्वच्छ वायु संरक्षण के क्षेत्र में पहली बार इंदौर को पीछे छोड़कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए एक नई प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार स्वच्छ वायु के क्षेत्र में लखनऊ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है, उसी प्रकार स्वच्छता सर्वेक्षण में भी लखनऊ को देश का नंबर-वन शहर बनाने के लिए सरकार, नगर निगम और नागरिक मिलकर पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे।
Published By : Kritarth Sardana
पब्लिश्ड 7 September 2026 at 23:16 IST