अपडेटेड 22 February 2025 at 21:31 IST
महाकुंभ में टूटे तमाम रिकॉर्ड, 60 करोड़ के पार पहुंचा श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान का आंकड़ा; अभी 4 दिन बाकी
13 जनवरी से शुरू हुए प्रयागराज महाकुंभ में अभी तक कुल 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं। ये आकंड़ा 65 पार जाने की संभावना है।
Kumbh Mela 2025 : 13 जनवरी को शुरू हुए प्रयागराज महाकुंभ में तमाम मुश्किलों को झेलकर श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को दावा किया कि प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 60 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई है।
महाकुंभ मेला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को शाम 4 बजे तक कुल 1.11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई जबकि 13 जनवरी से अभी तक कुल 60.42 करोड़ श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं। महाकुंभ में 73 देशों के राजनयिक और भूटान नरेश नामग्याल वांगचुक समेत तमाम देशों के मेहमान यहां अमृत स्नान करने पहुंचे। अकेले नेपाल से 50 लाख से अधिक लोग अब तक त्रिवेणी के पवित्र जल में स्नान कर चुके हैं।
दुनिया भर में कुल 120 करोड़ सनातनी
एक सरकारी बयान में जताए गए अनुमान के मुताबिक दुनिया में कुल 120 करोड़ सनातनी हैं। इस लिहाज से महाकुंभ में दुनिया के आधे से अधिक सनातनी गंगा और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य फल प्राप्त कर चुके हैं। शिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व 26 फरवरी तक यह संख्या 65 करोड़ से भी ऊपर पहुंच सकती है।
मौनी अमावस्या पर 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान
अब तक स्नान करने वाले कुल श्रद्धालुओं की संख्या का विश्लेषण करें तो सबसे अधिक करीब 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान किया। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया। वहीं माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया।
महाकुंभ में रेलवे की भूमिका
शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे बोर्ड वार रूम में जाकर महाकुंभ के लिए प्रयागराज से चलाई जा रही अलग-अलग गाड़ियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। महाकुंभ में यात्रियों को पहुंचाने में भारतीय रेलवे ने मुख्य भूमिका मिभाई है। महाकुंभ आने के लिए तीर्थयात्रियों ने 14 हजार से ज्यादा ट्रेनों का लाभ लिया है। इसमें 92% ट्रेनें मेल, एक्सप्रेस, सुपर-फास्ट, पैसेंजर और मेमो श्रेणी की रहीं, जबकि 472 राजधानी और 282 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हुईं।
50% ट्रेनें उत्तर प्रदेश से शुरू होकर प्रयागराज एरिया को आई जबकि दिल्ली से 11%, बिहार से 10% और महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे अन्य राज्यों से 3-6% ट्रेनें आईं। दूसरे शब्दों में कहें तो महाकुंभ के करीब एक चौथाई तीर्थयात्रियों ने प्रयागराज या आस-पास के प्रमुख शहरों तक पहुंचने में ट्रेनों की ही मदद ली।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 22 February 2025 at 21:31 IST