'2014 से पहले गरीब, गर्भवती महिलाओं और माताओं के लिए सरकार का विजन जमीनी धरातल पर क्यों नहीं उतरता था?', CM योगी ने सपा पर साधा निशाना
राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों और कार्यशैली पर तीखा हमला बोला।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आज 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से रुद्राक्ष अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण मंत्री बेबी रानी मौर्य के साथ-साथ वाराणसी के जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बताया पिछली सरकार के विजन जमीनी धरातल पर क्यों नहीं उतरता था?
राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों और कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने कहा, "हम लोग कभी कभी सोचते हैं कि 2014 के पहले ऐसी व्यवस्था आखिर शासन की कार्यसूची का हिस्सा क्यों नहीं थी?"
CM योगी ने सपा पर साधा निशाना
"पिछली सरकार घोषणाएं बड़ी-बड़ी करते थे, लेकिन उन गरीबों के लिए, उन कुपोषित बच्चों के लिए, उन गर्भवती महिलाओं के लिए और धात्री माताओं के लिए जिनकी कोख भारत का भविष्य बनने वाली है, उसके बारे में सरकार का विजन क्यों जमीनी धरातल पर नहीं उतरपाया था?"
पहले योजनाओं का विजन केवल फाइलों में बंद रहता था-सीएम योगी
सीएम योगी ने आगे कहा, ‘आज जब हम मातृ वंदना योजना के सफलतम 10 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही पोषण माह के 9वें वर्ष में इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं। सीएम ने बताया कि पहले योजनाओं का विजन केवल फाइलों में बंद रहता था। आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त नहीं किया गया था और अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए कोई पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था भी लागू नहीं की गई थी। परिणामस्वरूप लास्ट माइल डिलीवरी सुनिश्चित नहीं हो पाई।’
क्या है राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम?
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक सुपोषित भारत को विकसित भारत की नींव बनाने के लक्ष्य के साथ 2018 में पोषण अभियान शुरू किया था, ताकि पोषण को राष्ट्रीय विकास एजेंडे के केंद्र में रखा जा सके। हर साल सितंबर में राष्ट्रीय पोषण माह आयोजित किया जाता है, जहां महिलाओं, बच्चों और किशोरों में पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल संबंधी व्यवहारों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 9 September 2026 at 14:33 IST