अपडेटेड 3 February 2026 at 22:37 IST
शायर मुनव्वर राना की बेटी को पति ने 13 साल बाद दिया तीन तलाक, हिबा राना ने पति पर लगाए दहेज प्रताड़ना और 20 लाख रुपये मांगने के आरोप
मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी हिबा ने आरोप लगाया है कि उनके पति ने उन्हें तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कहकर घर से निकाल दिया। इस मामले में लखनऊ के सआदतगंज पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई है।
मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना के पति ने उन्हें तलाक दे किया है। हिबा ने आरोप लगाया है कि उनके पति ने उन्हें तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कहकर घर से निकाल दिया। इसे लेकर हिबा ने लखनऊ के सआदतगंज पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई है। उन्होंने पति के साथ-साथ ससुर पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
हिबा राना ने FIR में बताया है कि उनका निकाह 13 साल पहले (19 दिसंबर 2013) करीमगंज निवासी साकिब से हुआ था। शादी सुन्नी रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के समय पिता की ओर से दहेज में लाखों रुपये और कीमती गहने दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद पति और ससुराल वालों ने लगातार अधिक रकम की मांग की। मांग पूरी न होने पर उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी जाती रही। आरोप है कि असहमति जताने पर मारपीट की गई और जान से मारने की कोशिश भी की गई।
मुनव्वर राना की बेटी को हुआ तलाक
हिबा ने बताया कि वैवाहिक जीवन बचाने के लिए मायके वालों ने कई बार मांग पूरी की, लेकिन प्रताड़ना रुकने का नाम नहीं ले रही थी। उनके और पति से दो बच्चे हैं,एक बेटा सैय्यद फवाज और एक बेटी हय्याम फातिमा। मुनव्वर राना की बेटी ने बताया कि हाल ही में उनके पति साकिब ने अचानक तीन तलाक देकर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। इस दौरान उनकी बहन आर्शिया राना (टीना) मिलने पहुंची थीं, तो पति और उग्र हो गया और दोनों बहनों को बाहर कर दिया।
FIR में पति और ससुर पर लगाए गंभीर आरोप
इस संबंध में उन्होंने पति साकिब और ससुर हसीब के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और तीन तलाक देने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर दहेज और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ रही है।
कौन थे मुनव्वर राना?
गौरतलब है कि मुनव्वर राना का निधन पिछले साल 15 जनवरी 2024 को 71 वर्ष की आयु में लखनऊ के एसजीपीजीआई अस्पताल में हुआ था। वे लंबे समय से बीमार थे। 26 नवंबर 1952 को रायबरेली में जन्मे मुनव्वर राणा उर्दू साहित्य के प्रमुख नाम थे और उन्हें 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 3 February 2026 at 21:36 IST