अपडेटेड 3 February 2026 at 21:01 IST
'सरकार के कहने पर स्पीकर ने LoP को बोलने नहीं दिया, ये लोकतंत्र पर...', संसद में 2 दिन से जोरदार हंगामे के बाद राहुल गांधी ने लिखी चिट्ठी
बजट सत्र के पांचवें दिन भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान जमकर हंगामा हुआ है। अब इस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है।
- भारत
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संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। बजट सत्र के पांचवें दिन भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान जमकर हंगामा हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। अनुशासनहीनता मानते हुए स्पीकर ने कांग्रेस के आठ सांसदों को मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया है। इस घटनाक्रम पर राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कड़ा विरोध दर्ज जताया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने चिट्ठी में लिखाी है, "आज मुझे लोकसभा में बोलने से रोकना न सिर्फ इस परंपरा का उल्लंघन है, बल्कि इससे यह गंभीर चिंता भी पैदा होती है कि विपक्ष के नेता के तौर पर मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर बोलने से रोकने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है।"
राहुल गांधी ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी
चिट्ठी में राहुल ने आगे लिखा है, "यह दोहराना जरूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का एक अहम हिस्सा था, जिस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। इन बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों से इनकार करने से एक अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है। संसदीय इतिहास में पहली बार, सरकार के कहने पर स्पीकर को विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोकना पड़ा है। यह हमारे लोकतंत्र पर एक धब्बा है, जिसके खिलाफ मैं अपना कड़ा विरोध दर्ज कराता हूं।"
राहुल के भाषण पर क्यों हंगामा?
दरअसल, विवाद की मुख्य वजह पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के कुछ अंश बने, जिसे राहुल गांधी सदन में उठाना चाहते थे। ये अंश मुख्य रूप से 2020 के लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध (गलवान संघर्ष) से जुड़े हैं, जिसमें जनरल नरवणे ने कथित तौर पर राजनीतिक नेतृत्व से स्पष्ट आदेशों की कमी और चीनी सेना की हरकतों पर चिंता जताई है। राहुल गांधी ने एक मैगजीन (द कारवां) में छपे इन अंशों का हवाला देते हुए सदन में कागज दिखाए और पढ़ने की कोशिश की, ताकि वे सत्ता पक्ष के 'देशभक्ति' पर सवाल उठाने वाले बयानों का जवाब दे सकें। विपक्षी सांसदों ने इस पर विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 3 February 2026 at 21:01 IST