आधी रात खेत से आती थी आवाजें, मिट्टी कटवाते समय अचानक रुका मशीन, फिर जमीन से निकाला खजाना; अगर हुआ ऐसा तो यूपी के इस गांव की बदल जाएगी किस्‍मत

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला के सलेमगढ़ के गोपालपुर ओसवालिया गांव में एक साधारण खेती का काम अचानक रहस्य में बदल गया।

 
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आधी रात खेत से आती थी आवाजें, मिट्टी कटवाते समय अचानक रुका मशीन, फिर जमीन से निकाला खजाना; अगर हुआ ऐसा तो यूपी के इस गांव की बदल जाएगी किस्‍मत | Image: Republic/Pixabay

Kushinagar News: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला के सलेमगढ़ के गोपालपुर ओसवालिया गांव में एक साधारण खेती का काम अचानक रहस्य में बदल गया। किसान राधेश्याम वर्मा अपने खेत में लोडर मशीन से मिट्टी कटवा रहे थे। शाम करीब चार बजे मशीन चलते-चलते अचानक जोरदार आवाज के साथ रुक गई। ऐसा लगा मानो लोहे से कोई ठोस और पुरानी चीज टकराई हो। मशीन चालक पहले तो घबरा गया। उसने तुरंत इंजन बंद किया और नीचे उतरकर मिट्टी हटाने लगा।

कुछ ही देर में मिट्टी के अंदर से पीतल का एक पुराना घड़ा दिखाई दिया। घड़ा देखते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें फैल गईं। गांव वालों को लगा जैसे सदियों पुराना कोई राज जमीन के भीतर छिपा बैठा था, जो आज अचानक बाहर आ गया। धीरे-धीरे खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। खेत की ओर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर किसी के मन में यही सवाल था कि आखिर इस घड़े में क्या छिपा है और यह यहां कैसे पहुंचा?

घड़े के अंदर छिपा था इतिहास का खजाना

जब लोगों ने सावधानी से घड़े का ढक्कन हटाया तो अंदर चमकते हुए पुराने चांदी के सिक्के दिखाई दिए। सिक्कों पर उर्दू-फारसी जैसी लिखावट बनी हुई थी, जिससे अंदाजा लगाया गया कि ये मुगलकालीन सिक्के हो सकते हैं। कुछ बुजुर्गों ने दावा किया कि गांव के आसपास कभी पुराने व्यापारिक रास्ते हुआ करते थे। उनका मानना है कि किसी अमीर व्यापारी या सैनिक ने डर के कारण यह खजाना जमीन में छिपाया होगा, लेकिन फिर कभी उसे लेने नहीं लौट सका।

सिक्कों को देखने के लिए लोगों में होड़ मच गई। कई लोग इसे “शापित खजाना” तो कुछ “राजाओं का गुप्त धन” बताने लगे। बच्चों और युवाओं के बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई कि कहीं गांव के नीचे कोई प्राचीन सुरंग या दबा हुआ महल तो नहीं है। रात होते-होते यह घटना पूरे इलाके में रहस्य और रोमांच का विषय बन चुकी थी।

प्रशासन की जांच और गांव में बढ़ता रहस्य

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने सिक्कों और घड़े को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। एसओ नितिन रघुनाथ ने बताया कि खेत मालिक की शिकायत और सिक्कों की ऐतिहासिकता की जांच की जाएगी। इतिहासकारों का मानना है कि यदि ये सिक्के वास्तव में मुगलकाल के हैं, तो यह खोज इलाके के इतिहास को बदल सकती है।

वहीं गांव के लोग अब भी इस रहस्य को लेकर तरह-तरह की कहानियां बना रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय खेत के आसपास अजीब आवाजें सुनाई देती थीं, जिन्हें लोग अब इस खजाने से जोड़ रहे हैं। हालांकि सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल गोपालपुर ओसवालिया का यह खेत पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जहां मिट्टी के नीचे दफन इतिहास ने अचानक सबको हैरान कर दिया।

कुशीनगर से पीके विश्वकर्मा का रिपोर्ट

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 10 June 2026 at 13:11 IST