अपडेटेड 17 February 2026 at 16:36 IST
विदाई से ठीक पहले किन्नरों ने खोला दूल्हे का ऐसा राज, सन्न रह गए लड़की वाले, बिन शादी के लौटी बारात
UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक बारात तब लौट गई जब लड़की वालों को पता चला कि वो जिस लड़के से अपनी बेटी को ब्याहने आए हैं, वो असल में एक किन्नर है।
UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक बारात तब लौट गई जब लड़की वालों को पता चला कि वो जिस लड़के से अपनी बेटी को ब्याहने आए हैं, वो असल में एक किन्नर है। सामने आई जानकारी की माने तो, शुक्रवार को कोठी थाना पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में बारात पहुंची थी।
रात भर शादी की रस्में चलती रहीं और बिना किसी बाधा के कार्यक्रम संपन्न हुए। हालांकि, सात वचन पूरे होने के कुछ ही घंटों बाद शनिवार की सुबह जब विदाई होने वाली थी, तभी दुल्हन के परिवार को पता चला कि दूल्हा किन्नर है, जिसके बाद शादी बीच में ही रोक दी गई।
दूल्हा निकला किन्नर, लौटी बारात
ये घटना बाराबंकी जिले के कोठी थाना क्षेत्र के तालपुरवा गांव की बताई जा रही है। गांव की बेटी की शादी छह महीने पहले रामसनेही घाट थाना क्षेत्र के दिनौना ग्राम सभा के गनई पुरवा गांव के एक लड़के से तय की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार सुबह नेग मांगने आए किन्नरों ने दूल्हे को पहचान लिया क्योंकि वो उनके साथ ही घूमता था। जैसे ही इस बात की जानकारी लड़की वालों को पता लगी तो शादी के समारोह में हड़कंप मच गया। माहौल देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया। जब दुल्हन के घरवालों ने इस बात को लेकर लड़के वालों से सवाल किया तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला इतना बिगड़ता चला गया कि वेडिंग वेन्यू पर सारे गांववाले जमा हो गए। कई घंटों तक तनाव रहा।
लड़की वालों ने दूल्हे और उसकी मां को बनाया बंधक
खबरों के मुताबिक, दुल्हन के परिवार ने दूल्हे से सबूत मांगा, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। बाद में दूल्हे के परिवार ने मामले को दबाने के लिए किन्नरों को 23,000 की पेशकश भी की लेकिन तबतक लड़की वालों को शक हो गया था। उन्होंने दूल्हे और उसकी मां को बंधक बना लिया।
मामला इतना बढ़ गया कि स्थानीय थाने से पुलिस गांव पहुंची। अधिकारियों ने दोनों परिवारों को शांत कराने की कोशिश की। आपसी समझौता हुआ जिसके बाद किसी भी पक्ष द्वारा कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 17 February 2026 at 16:36 IST