श्रीप्रकाश शुक्ला समेत 70 से ज्यादा एनकाउंटर, जिनके नाम से कांपते थे यूपी में गैंगस्टर... कौन हैं पूर्व IPS राजेश पांडेय, जो बन सकते हैं राम मंदिर के CEO
राजेश पांडे उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने यूपी पुलिस की दो खास यूनिटों स्पेशल था टास्क फोर्स और एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड के गठन में बड़ी भूमिका निभाई।
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Ex IPS Officer Encounter Specialist Rajesh Pandey Profile- अयोध्या राम मंदिर में नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के संबंध में घोषणा बुधवार को हो सकती है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक चल रही है और किसी भी समय नाम का ऐलान हो सकता है। जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का नाम इस लिस्ट में सबसे आगे बताया जा रहा है। कहा तो यह भी जा रहा है कि बस कुछ देर बाद उनके ही नाम पर मुहर लगने वाली है।
अगर यूपी कैडर के राजेश पांडेय का चयन होता है तो वह राम मंदिर के पहले CEO की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। खास बात यह है कि चयन समिति के सामने उनका दो बार इंटरव्यू भी हो चुका है। तो आईए जानते हैं कौन हैं पूर्व IPS राजेश पांडेय।
कौन हैं पूर्व IPS राजेश पांडेय
राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने यूपी पुलिस की दो खास यूनिटों स्पेशल था टास्क फोर्स और एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड के गठन में बड़ी भूमिका निभाई। वह यूपीएसटीएफ और यूपी एटीएस के संस्थापक सदस्य रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला समेत 70 से अधिक अपराधियों के एनकाउंटर किए थे। एक समय ऐसा था जब राजेश पांडेय का नाम सुनकर यूपी के बड़े-बड़े गैंगस्टर कांपते थे।
राजेश पांडेय को यूनाइटेड नेशन के कुछ लोगों की कोसोवो पीसकीपिंग मिशन में काम करने का अनुभव हासिल है। उन्हें लीडरशिप का लंबा अनुभव हासिल है। उनका जन्म प्रयागराज में हुआ है। एजुकेशन में उन्होंने एमएससी किया हुआ है। उनकी नियुक्ति पीपीएस अधिकारी के तौर पर हुई थी। 2005 में उन्हें प्रमोशन मिला और वो आईपीएस अधिकारी बने।
अयोध्या-वाराणसी बम ब्लास्ट केस की कर चुके हैं जांच
राजेश पांडेय की गिनती तेज-तर्रार और ईमानदार अफसरों में होती है। साथ ही उनका नेचर धार्मिक है। इसके अलावा वह अलीगढ़, मेरठ, लखनऊ और सहारनपुर जैसे जिलों के एसएसपी रह चुके हैं। वे 2005 अयोध्या बम ब्लास्ट केस, 2006 के वाराणसी के दशाश्वमेध घाट ब्लास्ट और लखनऊ एवं फैजाबाद कोर्ट ब्लास्ट जैसे केसों की जांच कर चुके हैं।
5,000 आवेदन में से 3 नाम किए फाइनल, राजेश पांडेय सबसे आगे
बता दें कि राम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO को चुनने के लिए एक सर्च कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने एक दिन पहले ही अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। इस पद के लिए 5,000 से भी ज़्यादा लोगों ने अप्लाई किया था, जिनकी कड़ी स्क्रीनिंग के बाद यह रिपोर्ट तैयार हुई है।
यह रिपोर्ट एक हाई-लेवल मीटिंग में सौंपी गई। इसमें ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत दिनेन्द्र दास, कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन और अयोध्या के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी भी शामिल थे। CEO चुनने वाली तीन सदस्यों की इस सर्च कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल हैं।
आपको बता दें कि राम मंदिर के पहले CEO के तौर पर जिस अधिकारी की नियुक्ति होगी, उसके सामने मंदिर से जुड़े बड़े स्तर के प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी होगी। ऐसे में लंबे प्रशासनिक अनुभव वाले अधिकारी को इस पद के लिए प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है। फिलहाल अंतिम फैसला राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से लिया जाना बाकी है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 2 September 2026 at 15:49 IST