नौकरी का सपना दिखाकर 453 नेपाली युवक व युवतियों को बनाया शिकार, कुशीनगर में करोड़ों की ठगी करने वाले इंटरनेशनल नेटवर्क का भंडाफोड़

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के कसया कस्बे में नेटवर्किंग मार्केटिंग और नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।

 
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नौकरी का सपना दिखाकर 453 नेपाली युवक व युवतियों को बनाया शिकार, कुशीनगर में करोड़ों की ठगी करने वाले इंटरनेशनल नेटवर्क का भंडाफोड़ | Image: Republic

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के कसया कस्बे में नेटवर्किंग मार्केटिंग और नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कथित अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नेपाल दूतावास की सूचना पर शनिवार रात चलाए गए विशेष अभियान में 453 नेपाली युवक-युवतियों को मुक्त कराया गया। पुलिस ने गिरोह से जुड़े सात नेपाली नागरिकों के खिलाफ जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

नेपाल दूतावास की पहल और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कसया पुलिस की आठ टीमों ने शनिवार रात सपहा रोड स्थित दो संदिग्ध प्रशिक्षण केंद्रों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि पिछले चार माह से यहां नेटवर्किंग मार्केटिंग के नाम पर बड़ी संख्या में नेपाली युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 453 प्रशिक्षुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। रविवार सुबह उन्हें आठ बसों के जरिए महराजगंज मार्ग से नेपाल दूतावास के अधिकारियों को सौंप दिया गया।

आठ से दस मकानों में रह रहे थे प्रशिक्षु

जांच में पता चला कि प्रशिक्षण लेने आए युवक-युवतियां सपहा रोड स्थित आठ से दस किराये के मकानों में रह रहे थे। पुलिस अब उन मकान मालिकों की भी भूमिका की जांच कर रही है जिन्होंने बिना पर्याप्त सत्यापन और औपचारिक एग्रीमेंट के कमरे किराये पर दिए थे। कसया चौकी प्रभारी गौरव श्रीवास्तव की तहरीर पर सात नामजद नेपाली नागरिकों तथा आठ से दस अज्ञात मकान मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

नौकरी और आत्मनिर्भरता का सपना दिखाकर वसूले लाखों रुपये

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह बेरोजगार नेपाली युवक-युवतियों को नौकरी, आर्थिक आत्मनिर्भरता और कौशल विकास प्रशिक्षण का लालच देता था। इसके बदले उनसे 20 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक वसूले जाते थे। बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य बिहार और उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहकर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। ठगी के पैसे से लग्जरी कारें, बुलेट मोटरसाइकिल और अन्य वाहन इस्तेमाल किए जा रहे थे।

फरवरी से चल रहा था पूरा नेटवर्क

स्थानीय सूत्रों के अनुसार फरवरी 2026 में बिहार से आए कुछ नेपाली नागरिकों ने कसया के सपहा रोड पर दो प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए थे। यहां बड़ी संख्या में नेपाली युवक-युवतियों का आना-जाना शुरू हुआ, लेकिन किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत न मिलने के कारण मामला दबा रहा। हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अचानक बढ़ी नेपाली युवाओं की संख्या को लेकर सवाल भी उठाए थे। अब पुलिस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

सभी दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: एसपी

पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि सात नेपाली नागरिकों के खिलाफ नौकरी दिलाने और प्रशिक्षण के नाम पर धन उगाही करने के आरोप में जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।वहीं क्षेत्राधिकारी कसया कुंदन सिंह ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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(कुशीनगर से पीके विश्वकर्मा का रिपोर्ट..)
 

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 31 May 2026 at 15:14 IST