'2017 से पहले दंगे का माहौल था...', CM योगी ने सपा पर साधा निशाना, बोले- अब यूपी का नाम सुन लोग दूरी नहीं, गले लगाते हैं
सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब गोंडा के युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। दूसरे प्रदेश के लोग दूरी बनाकर चलते थे। लेकिन अब लोग यूपी और गोंडा को अपना रहे हैं।
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CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 6 जून को गोंडा जिले के करनैलगंज स्थित चकरौत गांव पहुंचे। यहां उन्होंने जनसभा स्थल पर 516 करोड़ रुपये की 262 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोंडा अत्यंत ऊर्जावान जनपद है, लेकिन आजादी के बाद यह जिस विकास का हरकदार था वह नहीं मिला। यह तुष्टिकरण, जातिवाद, भाई-भतीजावाद और अराजकता के कारण पिछड़ता चला गया।
सीएम योगी ने अपने भाषण में कहा, 'यह अत्यंत ऊर्जावान जनपद है। यहां का युवा ऊर्जावान है, किसान परिश्रमी है, महिलाएं प्रतिभाशाली हैं, कारीगर और हस्तशिल्पियों ने अवसर मिलने पर अपने हुनर की छाप देश और दुनिया तक पहुंचाने में कोई कोताई नहीं की है। जनपद का अपना पौराणिक इतिहास है। इस जनपद ने देश के स्वाधीनता आंदोलन में अग्रणी भूमिका के साथ काम किया, लेकिन आजादी के बाद जो अपेक्षित विकास गोंडा का होना चाहिए था, वो विकास तुष्टिकरण और अराजकता की भेंट चढ़ गया, भाई-भतीजेवाद और जातिवाद की भेंट चढ़ गया और उसका खामियाजा इस जनपद को भुगतना पड़ा।'
यूपी की तस्वीर बदल चुकी है- CM योगी
उन्होंने आगे कहा, 'जहां पर सरयू मैया की असीम कृपा रहनी चाहिए थी और जहां की फसलें लहलहाते हुए देश के पेट को भरने का कार्य करती, एक नियोजित प्रयास के अभाव में जनपद पिछड़ता गया। एक समय ऐसा भी था जब गोंडा के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। जहां पर प्रदेश में नौकरी और रोजगार नहीं था। ऐसे में दूसरे प्रदेश के लोग 10 कदम दूरी बनाकर चलते थे। लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है।'
'अब लोग दूरी नहीं बनाते, बल्कि गले लगाते हैं'
वह कहते हैं कि अब यूपी और गोंडा का नाम सुनते ही लोग सम्मान से गले लगाते हैं। पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में और 9 सालों में डबल इंजन की भाजपा की सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए जिन कार्यक्रमों को हाथों में लिया है, आज उसके परिणाम सबके सामने हैं।
सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में दंगे, उपद्रव और असुरक्षा का माहौल था। त्योहारों में बाधा डाली जाती थी, व्यापारी और बेटियां सुरक्षित नहीं थीं और सत्ता में बैठे लोग दंगाइयों को संरक्षण दिया करते थे। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। जो भी त्योहारों में खलल डालने की कोशिश करेगा, उसका वर्तमान और भविष्य में दोनों समाप्त हो जाएंगे।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 6 June 2026 at 12:23 IST