'माफिया बंदूकें लहराते थे, किसी भी जमीन पर हाथ रखकर कब्जा कर लेते थे', लखनऊ से CM योगी ने सपा पर साधा निशाना
सीएम योगी ने बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि 'अखिलेश राज' में निवेशक बाहर से व्यापार का सपना लेकर आता था और वसूली की पर्ची लेकर लौटता था। माफिया बंदूकें लहराकर बिना रोक-टोक कहीं भी आ-जा सकते थे। कहीं से भी ऑपरेट कर सकते थे और जहां हाथ रख दिया वो जमीन उसकी हो गई। तत्कालीन सरकार इन सबके सामने मौन बनी रहती थी।
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CM Yogi Attacked Samajwadi Party: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज (8 सितंबर 2026) दो दिवसीय 'यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026' को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए सपा की तत्कालीन सरकार पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था इस कदर चौपट थी कि माफिया बंदूकें लहराकर बिना रोक-टोक कहीं भी आ-जा सकते थे। 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' यूपी की पहचान बन चुकी थी।
सीएम योगी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, '2017 के पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था चौपट थी। हर जनपद में माफिया की समांतर सरकार चलती थी यानी 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी थी। पूरे प्रदेश में हत्या, फिरौती, कब्जा, गुंडा टैक्स और अपहरण का उद्योग फल-फूल रहा था। पेशेवर माफिया और गुंडे सत्ता की समांतर अपनी व्यवस्था का संचालन करते थे। तब न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी सुरक्षित था। निवेशक बाहर से व्यापार का सपना लेकर आता था और वसूली की पर्ची लेकर लौटता था। माफिया बंदूकें लहराकर बिना रोक-टोक कहीं भी आ-जा सकते थे। कहीं से भी ऑपरेट कर सकते थे और जहां हाथ रख दिया वो जमीन उसकी हो गई। तत्कालीन सरकार इन सबके सामने मौन बनी रहती थी।'
दंगों की आग की चपेट में था प्रदेश- CM योगी
उन्होंने आगे कहा, 'यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट आता था। वो दौर था जब उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर यूपी के बाहर, यूपी के नागरिकों को कोई किराये के घर में आवास देने को तैयार नहीं होता था। होटल में रूम देने को तैयार नहीं होता था। इससे भीषण त्रासदी किसी समाज के लिए, किसी नागरिक के लिए और क्या हो सकती है? 2017 के पहले यूपी वाला बताने पर परिचय प्राप्त करने वाला व्यक्ति 10 कदम पीछे हटने के लिए मजबूर हो जाता था। कोई भी पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से नहीं बीतता था। उत्सव के पहले उपद्रव शुरू हो जाता था। पूरा प्रदेश दंगों की आग की चपेट में था। यहां हर तीसरे दिन कोई दंगा होता था। पूरा प्रदेश झुलसता था। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। स्कूल-कॉलेज, मार्केट बंद रहता था। कोई घर से नहीं निकल पाता था। ऐसी स्थिति में अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ता था, जो आगे नहीं बढ़ पाती थी।'
'यूपी को लेकर एक धारणा बन चुकी थी…'
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी को लेकर एक धारणा बन चुकी थी। 2017 से पहले मान्यता थी कि जहां से सड़कें खराब हो जाए, शाम होते ही जहां से अंधेरे की शुरुआत हो जाए, मानकर चलो कि यूपी की सीमा प्रारंभ हो गई है। यह 2017 से पहले यूपी के हालात थे। इसलिए यह केवल एक सिंडिकेट तक सीमित था। एक परिवार तक सीमित था। विकास उसी परिवार तक सीमित था। राज्य में उद्योग-अनुकूल कोई योजना नहीं थी।'
आज यूपी में कानून का राज- CM योगी
उन्होंने बताया कि 2017 के बाद आपने बदले हुए उत्तर प्रदेश को देखा है। आज यूपी में कानून का राज है। अपराध, अपराधी और भ्रष्टाचारी, इन सभी के लिए उत्तर प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की रणनीति है। अब यूपी में कर्फ्यू, दंगा, उपद्रव, अराजकता नहीं है। अब यूपी कर्फ्यू, दंगा, माफिया और उपद्रव से भी पूरी तरह मुक्त है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 8 September 2026 at 12:37 IST