'अगर किसी ने महिलाओं को छेड़ने की हिमाकत की, तो अपने डेथ सेंटेंस पर साइन...', CM योगी की शोहदों को सीधी चेतावनी, भाई-भतीजावाद पर सपा को घेरा

सीएम योगी ने कहा कि उस समय भाई-भतीजावाद का बोलबाला पूरे सिस्टम में इस प्रकार से जकड़ा हुआ था कि भर्ती प्रकिया की पारदर्शिता और शुचिता की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था।

 
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सीएम योगी | Image: X

CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित लोकभवन में युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे, जिन्हें यूपी पुलिस में नौकरी मिली है। इस दौरान उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए यूपी की पहले की सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

सीएम योगी ने कहा, 'हमने उपद्रवग्रस्त उत्तर प्रदेश को उत्सवपूर्ण प्रदेश के रूप में बदला है। कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश की छवि को प्रस्तुत किया है। जब आप अच्छा करते हैं, तो आपके खिलाफ कितना भी कोई नकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास करता हो, वो कभी सफल नहीं हो सकता। अब ये वो यूपी नहीं रहा।'

सीएम योगी ने साधा निशाना

उन्होंने कहा, '2017 के पहले मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अंदर बहुत सारे जनपद और कस्बे ऐसे थे जहां पर जिस व्यक्ति के पास क्षमता थी, वह अपनी बेटी को यूपी से दूर रखकर पढ़ाने के लिए मजबूर था। जिसके पास क्षमता नहीं थी वह बेटी को घर में बिठाने के लिए मजबूर था। मध्यकाल की उन स्थितियों को प्रदेश के सामने प्रस्तुत कर दिया गया था कि बेटी को छिपकर रहना है, वो घर से बाहर नहीं निकल सकती। क्योंकि घर से बाहर निकलने पर कोई शोहदा उसे जबरदस्ती छेड़ेगा और उठा लेगा। प्रदेश में इस प्रकार की स्थितियां थी।'

September 20, 2026

शोहदों को सीएम योगी की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'क्या आज कोई राह चलती किसी भी बेटी को छेड़ने का दुस्साहस करेगा? नहीं कर सकता है। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसे मालूम है कि अंजाम क्या होगा। उस अंजाम के बारे में वो भली-भांति जानता है। अगर उस अंजाम से वाकिफ नहीं है, तो मुझे लगता है कि फिर अपने डेथ सेंटेंस पर स्वयं साइन कर रहा है। इसके बाद उसे बताने की जरूरत नहीं है। आज यूपी को लेकर जो धारणा बदली है, इसमें यूपी पुलिस का योगदान है।'

भाई-भतीजावाद का जिक्र कर सपा को घेरा

उन्होंने निशाना साधते हुए कहा, '2017 से पहले मैंने उत्तर प्रदेश की व्यवस्था को बहुत नजदीक से देखा था। भर्ती की प्रक्रिया की विसंगतियों को लेकर उस समय के नौजवानों में हताशा और निराशा थी। हम मानते थे कि इसमें बदलाव लाया जा सकता है। लेकिन उस समय भाई-भतीजावाद का बोलबाला पूरे सिस्टम में इस प्रकार से जकड़ा हुआ था कि पारदर्शिता और शुचिता की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। जब भर्ती की प्रक्रिया में ही विसंगतियां, भेदभाव हो, तो विश्वास कहां से होगा? पहले परीक्षा की सुचिता को लेकर, फिर चयन की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े होते थे। पेपर लीक के मामले अलग से होते थे। यूपी पुलिस में इस बात की भी बदनामी होती थी कि परीक्षा कोई दे रहा है और परिणाम और नियुक्ति पत्र कोई और पा रहा है। यूपी में ऐसी भी परीक्षाएं हुई हैं जिनमें जो आवेदक ही नहीं हैं, उन्हें नियुक्ति पत्र बांट दिए गए। जबकि असल आवेदकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसे लेकर जांच तो लंबी चली, लेकिन परिणाम जीरो निकला। तब 2017 में आकर हमने तय किया कि भर्ती की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और सुधार लाया जाएगा।'

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 20 September 2026 at 13:59 IST