नए शैक्षिक सत्र के आगाज पर CM योगी की ‘पाती’, बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा, पैरेंट्स के नाम भी दिया संदेश
Yogi Ki Paati: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र के मौके पर बच्चों (नौनिहालों) के नाम एक विशेष संदेश साझा किया है।
Yogi Ki Paati: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र (2026-27) के मौके पर बच्चों (नौनिहालों) के नाम एक विशेष संदेश साझा किया है। सीएम योगी ने सभी छात्रों को स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएं दीं और लिखा कि नए सत्र में वो अपनी पसंद के विषय, खेल और स्कूल एक्टिविटीज में पूरे मन से हिस्सा लें और अपने सपनों में रंग भरें।
उन्होंने आगे लिखा कि यूपी सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। 01 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 की अवधि में चलने वाला 'स्कूल चलो अभियान' इसी संकल्प का प्रतिफल है। सीएम योगी ने कहा कि 'विकसित उत्तर प्रदेश' का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब हर बच्चा पढ़ेगा, हर बच्चा बढ़ेगा।
बच्चों के नाम सीएम योगी की पाती
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 'नवविनिर्माण के 9 वर्ष' और नए शैक्षिक सत्रारंभ पर नौनिहालों के नाम पाती जारी किया जिसमें उन्होंने आगे लिखा कि उन्हें कुछ दिन पहले अपने स्कूल जाने का मौका मिला, जहां से उन्हें जिंदगी की मूल शिक्षा और संस्कार मिले और आगे का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने लिखा- ‘स्कूल मात्र पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रथम पाठशाला है’।
सीएम योगी आगे लिखते हैं- ‘भगवान श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम और भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोगी स्वरूप की प्रथम सीढ़ी उनका गुरुकुल ही था। आप सबके लिए भी शिक्षा इसी कर्तव्यपथ का अभिन्न अंग है। स्वामी विवेकानंद जी के सिद्धांतों को अपनी जिंदगी में अपनाकर आप सभी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ असंभव लक्ष्य को हासिल कर सकते है। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए खेलकूद और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं’।
'बच्चों को उत्तम से उत्तम शिक्षा दिलवाएं'
सीएम योगी ने लिखा कि ये तकनीक का युग है इसलिए इसका सही इस्तेमाल करना आना चाहिए। उन्होंने छात्रों से स्क्रीन टाइम की जगह एक्टिविटी टाइम पर ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने आगे पैरेंट्स के लिए भी संदेश दिया और लिखा कि अपने बच्चों को उत्तम से उत्तम शिक्षा दिलवाने की कोशिश करें। साथ ही, आस-पड़ोस के उन बच्चों को भी शिक्षा के मंदिर तक पहुंचाओ, जो शिक्षा से वंचित हैं। सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण जो बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, उनके परिवार वालों को जागरूक करें।
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 30 March 2026 at 10:05 IST