एक हफ्ते में 70 बार चोर कैमरे में हुआ कैद... राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का कैसे हुआ खुलासा? कितना कैश हुआ चोरी; सबकुछ आया सामने

राम मंदिर प्रशासन के लिए एक बड़ी शर्मनाक बात सामने आई है। CCTV फुटेज की गहन जांच से दान के पैसे की व्यवस्थित चोरी का पता चला है।

 
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Ram Mandir | Image: File

राम मंदिर प्रशासन के लिए एक बड़ी शर्मनाक बात सामने आई है। CCTV फुटेज की गहन जांच से दान के पैसे की व्यवस्थित चोरी का पता चला है। 27 अप्रैल से 5 जून के बीच कम से कम 70 बार चोर कैमरे में कैद हुए हैं। इस सनसनीखेज मामले की पूरी जांच शुरू हो गई है, जिससे मंदिर में कैश संभालने और सुरक्षा में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंतरिक जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनमें कैश संभालने में बड़ी कमियां, आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में बड़ी खामियां, दान पेटियों की संख्या में अंतर और अहम जगहों पर CCTV कवरेज की कमी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि ये चोरियां जनता से मिले दान के प्रबंधन में गहरी गड़बड़ियों की ओर इशारा करती हैं।

कई बार चोरी करते हुए देखा गया

फुटेज में मनीष कुमार यादव मुख्य रूप से दिखाई दे रहा है, जिसे कई बार चोरी करते हुए देखा गया। एक और आरोपी, रामशंकर यादव, मंदिर के एक बड़े अधिकारी का सहयोगी बताया जा रहा है। अब इन संदिग्धों को काम पर रखने और उनकी निगरानी करने में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा ने पुष्टि की है कि अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वे सभी या तो सरकारी कर्मचारी हैं या बैंक कर्मचारी, इसलिए उन पर भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों के तहत भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।

रिपोर्ट्स और आरोपों के अनुसार, दान पेटियों से 79,85,493 रुपये नकद चोरी हुए। भक्तों द्वारा चढ़ाए गए रत्नों जड़े गहने भी गायब बताए जा रहे हैं।

इसके विपरीत, चांदी के ब्लॉक सुरक्षित दिखते हैं। रसीदों से 38 किलो चांदी दर्ज होने की पुष्टि होती है, जिसमें जुलाई 2020 में दर्ज 25 किलो चांदी भी शामिल है। बताया जाता है कि इन्हें पिघलाकर लॉकर में सुरक्षित रखा गया था। हालांकि, चांदी के अन्य दान को लेकर बड़े सवाल बने हुए हैं। कुछ दानदाताओं (जिनमें 60 किलो या 200 किलो दान का दावा करने वाले समूह भी शामिल हैं) ने रसीदें न मिलने और दान के इस्तेमाल का पता न चलने पर चिंता जताई है।

अदालत की कार्यवाही

आरोपियों को भ्रष्टाचार विरोधी अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें सोमवार, 29 जून 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आगे की कार्यवाही के लिए उन्हें सोमवार को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।

अब तक आरोपियों से 79,85,493 रुपये बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, सुभाष नाम के एक आरोपी से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ। इस मामले ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और राम मंदिर में जवाबदेही के तरीकों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मंदिर को देश-विदेश के भक्तों से करोड़ों का दान मिलता है। मंदिर प्रशासन और जांच अधिकारी किसी बड़ी साजिश और सिस्टम की कमियों की गहराई से जांच कर रहे हैं।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 26 June 2026 at 19:42 IST