सहारनपुर में बुलडोजर एक्शन, कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को किया ध्वस्त; कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
यूपी के सहारनपुर में बुलडोजर एक्शन हुआ है। यहां सरकारी भूमि पर बनी अवैध मस्जिद को जमींदोज किया जा रहा है। फिलहाल मस्जिद के एक हिस्से को गिराया गया है। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद है।
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Saharanpur Collectorate Mosque Demolished: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सरकारी जमीन पर बने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ शनिवार को बड़ी कार्रवाई हुई है। अदालत के आदेश के बाद यहां कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी एक मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त किया जा रहा है। इस दौरान मौके पर SDM, सिटी मजिस्ट्रेट समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं।
यह कार्रवाई सुबह 4 बजे सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध मस्जिद को हटाने के लिए की जा रही है। प्रशासन ने यहां बुलडोजर अभियान चलाया। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने इस मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए इसे गिराने का आदेश दिया था।
सहारनपुर में ढहाई जा रही मस्जिद
जानकारी के मुताबिक, मस्जिद तोड़ने के लिए 6 बुलडोजर बुलाए गए हैं। अभी तक मस्जिद का एक हिस्सा गिराया गया है। बाकि को गिराने का काम चल रहा है। मस्जिद तोड़े जाने को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ऐसे में कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए भारी संख्या में फोर्स बुलाई गई है।
मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर क्या बोले DIG?
DIG अभिषेक सिंह ने मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर कहा, 'सहारनपुर के कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद थी, जिसको सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध पाया गया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी फर्स्ट अपील में गई थी, उनकी अपील खारिज हो गई है। सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को पुष्ट किया गया है। इस अवैध निर्माण की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है और अगर कोई किसी तरह की अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कार्रवाई की जा रही है।'
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में स्थित मस्जिद को अवैध बताते हुए डीएम से कार्रवाई की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से किया गया है। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए, सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध मानते हुए इसे तुरंत ध्वस्त करने (गिराने) का आदेश जारी किया था।
मस्जिद पक्ष की अपील खारिज होने के बाद आज प्रशासन की बड़ी कार्रवाई जारी है। ज्ञात हो कि सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने 16 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी किया था, जिसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई को पुनर्विचार याचिका दायर की थी। हालांकि, 2 सितंबर 2026 को जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने इस अपील को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने विवादित जमीन को सरकारी भूमि घोषित करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को सही ठहराया है।
सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के 16 जुलाई 2026 के आदेश को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई को जिला कोर्ट में अपील दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए जिला जज सतेंद्र कुमार की अदालत ने 2 सितंबर 2026 को मस्जिद पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने विवादित भूमि को सरकारी संपत्ति माना है और सिटी मजिस्ट्रेट के पुराने फैसले को बरकरार रखा है। अदालत के इसी आदेश के अनुपालन में आज यह कार्रवाई की जा रही है।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 5 September 2026 at 09:29 IST