अपडेटेड 26 February 2026 at 20:13 IST
UP: BSP MLA उमाशंकर सिंह के घर से 5 बड़े बैग लेकर निकली इनकम टैक्स की टीम, 10 करोड़ कैश बरामद, कार्रवाई जारी
Umashankar singh: बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के घर से 10 करोड़ कैश बरामद हुआ है। घर पर कार्रवाई पूरी हो गई है। वहीं ऑफिस और अन्य जगहों पर IT की कार्रवाई अभी जारी है।
UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमार कार्रवाई अभी भी जारी है। बता दें, यह कार्रवाई बुधवार सुबह से शुरू है और अब तक लगभग 30 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के गोमतीनगर में उनके आवास से आयकर विभाग की टीम पांच बड़े बैग लेकर बाहर निकली है।
इन बैगों में भारी मात्रा में कैश और जरूरी दस्तावेज होने की बात कही जा रही है। सूत्रों की माने तो, रेड के दौरान अब तक की बरामदगी में 10 करोड़ से ज्यादा कैश, कई बैंक लॉकर्स के डिटेल्स, प्रॉपर्टी संबंधित कागजात और कैश के लेनदेन से जुड़े लिखित रिकॉर्ड्स मिले हैं।
30 घंटे से अधिक की कार्रवाई
बलिया की रसड़ा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के खिलाफ आयकर विभाग की यह बड़ी कार्रवाई करीब 30 घंटे से अधिक समय से चल रही है। टीम ने लखनऊ के विपुल खंड स्थित उनके निजी आवास पर अपनी जांच पूरी कर ली है, लेकिन उनके कार्यालयों और अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर अभी भी पड़ताल जारी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयकर विभाग के अधिकारी इनोवा गाड़ियों में भरकर साक्ष्य और कैश लेकर रवाना हुए। इस छापेमारी में केवल कैश ही नहीं, बल्कि लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और कई गुप्त डायरियां भी जब्त की गई हैं, जिनसे बड़े लेनदेन का खुलासा होने की उम्मीद है।
कई जिलों में एक साथ हुई छापेमारी
आयकर विभाग का यह छापा केवल लखनऊ तक ही सीमित नहीं है। विभाग की 50 से अधिक अधिकारियों वाली टीम ने एक साथ बलिया, सोनभद्र, कौशांबी, मिर्जापुर और प्रयागराज में 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। विधायक उमाशंकर सिंह की छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस और उनके करीबी ठेकेदारों के यहां भी लंबी पूछताछ चली। सोनभद्र में उनके करीबी खनन कारोबारियों के यहां भी टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों के सुराग तलाशे जा रहे हैं।
खनन घोटाले में आया था नाम
दरअसल, उमाशंकर सिंह छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज के नाम से सड़क और खनन से जुड़े कार्य करते हैं। इस पूरी कार्रवाई का मुख्य केंद्र ये कंपनियां ही बताई जा रही हैं। पिछले साल CAG ने एक रिपोर्ट में कहा था कि सोनभद्र में अवैध खनन कार्यों से करीब 60 करोड़ रुपये की राजस्व की हानि हुई थी।
ये भी बताया जा रहा है कि आयकर विभाग के छापे में सोनभद्र और मिर्जापुर में बीते कुछ वर्षों के दौरान हुए अवैध खनन से जुड़े अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिसमें कई अधिकारियों के नाम और उनको दी जाने वाली रकम का जिक्र है।
आयकर विभाग को शक है कि इन व्यवसायों के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स की हेराफेरी की गई है। हालांकि, विधायक के आवास पर कार्रवाई खत्म हो चुकी है, लेकिन विभाग की अन्य टीमें अभी भी अलग-अलग शहरों में दस्तावेजों को खंगाल रही हैं।
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 26 February 2026 at 20:13 IST