अपडेटेड 26 February 2026 at 16:50 IST

NCERT विवाद पर आया शिक्षा मंत्री का पहला बयान, जानें 'न्यायपालिका में करप्शन' वाले चैप्टर पर क्या कहा

NCERT की कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, लंबित मामलों और जजों की कमी पर चैप्टर शामिल होने से विवाद खड़ा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने किताब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया, सभी प्रतियां जब्त करने और डिजिटल संस्करण हटाने का आदेश दिया। अब इस विवाद पर शिक्षा मंत्री का पहला बयान आया है।

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Education Minister's first statement on NCERT controversy
NCERT विवाद पर आया शिक्षा मंत्री का पहला बयान | Image: ANI

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में 'न्यायपालिका में करप्शन' से जुड़े चैप्टर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को सफाई देनी पड़ी।

कक्षा 8 की इस किताब में न्यायपालिका की भूमिका पर चर्चा करते हुए भ्रष्टाचार, लंबित मामलों की संख्या और जजों की कमी जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया था। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने इसे बेहद आपत्तिजनक करार देते हुए कहा कि यह न्यायपालिका की छवि को खराब करने वाला है और छात्रों के मन में गलत संदेश डाल सकता है। कोर्ट ने किताब की सभी प्रतियों को जब्त करने और डिजिटल संस्करण हटाने का आदेश दिया है।

NCERT ने मांगी माफी

इस मामले में केंद्र सरकार और NCERT दोनों को सफाई देनी पड़ी है। NCERT ने बयान जारी कर कहा कि यह सामग्री अनजाने में और गलत निर्णय के कारण शामिल हो गई। इसका उद्देश्य किसी संस्था की छवि खराब करना नहीं था, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। NCERT ने माफी मांगी और किताब के वितरण को रोक दिया है।

शिक्षा मंत्री का पहला बयान

अब इस मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस घटना पर गहरा दुख है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका का अपमान करने का कोई इरादा बिल्कुल नहीं था। मंत्री ने कहा, "हम न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान करते हैं और अदालत के सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा।" उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अध्याय तैयार करने में शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

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यह विवाद तब और गहरा गया जब सुप्रीम कोर्ट ने NCERT निदेशक और शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें अवमानना की कार्रवाई की संभावना जताई गई। सरकार ने कोर्ट में माफी मांगी और कहा कि विवादित सामग्री के लेखकों को भविष्य में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े किसी काम में शामिल नहीं किया जाएगा।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 26 February 2026 at 16:50 IST