आजम खां परिवार को कोर्ट से बड़ी रहात, शत्रु संपत्ति मामले में पत्नी, बेटे और बहन को मिली जमानत
यह आजम खान के परिवार के लिये एक बड़ी राहत है। मंगलवार को आजम के छोटे बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम खान की जमानत भी मंजूर कर ली गयी थी।
उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की पत्नी पूर्व विधायक तज़ीन फातिमा, बेटे अदीब आजम खान और बहन निकहत अखलाक को शत्रु संपत्ति से सम्बन्धित एक मामले में स्थानीय (सांसद-विधायक) अदालत ने जमानत दे दी है।
खान के अधिवक्ता जुबैर अहमद खान ने बताया कि रामपुर की सांसद-विधायक अदालत के न्यायाधीश शोभित बंसल ने आजम खान की पत्नी डॉक्टर तज़ीन फातिमा, बड़े बेटे अदीब आजम खान और बहन निकहत अफलाक की जमानत मंजूर कर ली है। यह आजम खान के परिवार के लिये एक बड़ी राहत है। मंगलवार को इसी मामले में आजम के छोटे बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम खान की जमानत भी मंजूर कर ली गयी थी।
क्या था आरोप?
अधिवक्ता जुबैर के अनुसार 2020 में रिकार्ड रूम में एक शत्रु संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया गया था। इस सिलिसले में न्यायालय द्वारा अब्दुल्लाह आजम खान, उनकी मां तज़ीन फातिमा, बड़े भाई अदीब आजम खान और फूफी निकहत अखलाक को तलब किया था। तज़ीन फातिमा, अदीब और निकहत ने आज न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया था और न्यायालय ने बहस सुनने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया।
तज़ीन फातिमा का बयान
अदालत से बाहर निकली पूर्व राज्यसभा सदस्य तज़ीन फातिमा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘ ‘कस्टोडियन’ के संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें मैं जमानत के लिए आई थी। हमें अंतरिम जमानत मिल गई है। मामला ‘कस्टोडियन’ के रिकॉर्ड को लेकर था। यह मामला गलत दर्ज किया गया था। मैंने आज तक उस रिकॉर्ड रूम की शक्ल तक नहीं देखी है।’’
जब उनसे पूछा गया कि अब्दुल्ला आजम को जमानत मिल गई है और वह बाहर आने वाले हैं तो आप क्या कहेंगी, फातिमा ने कहा,‘‘मैं कुछ नहीं कहूंगी। बस, मुझे अच्छा लग रहा है।’’ अब्दुल्लाह की रिहाई के बारे में जुबैर ने कहा, ‘‘प्रक्रिया जारी है और उनकी रिहाई के आदेश आने में दो-तीन दिन लग सकते हैं।’’
हरदोई जेल में बंद हैं अब्दुल्लाह
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान के बेटे अब्दुल्लाह अक्टूबर 2023 से हरदोई जेल में बंद हैं। वहीं, आजम खान कई मामलों में सीतापुर जेल में बंद हैं। साल 2019 में भड़काऊ भाषण देने के एक मामले में अदालत द्वारा तीन साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद 2022 में आजम खान को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
आजम खान ने साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड 10वीं बार रामपुर सदर विधानसभा सीट जीती थी। इसके बाद उन्होंने रामपुर संसदीय सीट छोड़ दी थी, जिस पर वह 2019 के चुनाव में जीते थे।
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 19 February 2025 at 19:46 IST