Abdullah Azam: आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत, धमकी देने के 6 साल पुराने मामले में कोर्ट ने किया बरी
Abdullah Azam: फैसले ने बताया कि उनके इस कार्यों से आजम खान और अब्दुल्ला आजम समेत इनके समर्थक रंजिश रखते थे। फैसले ने आरोप लगाया था कि मुझे (फैसल) अब्दुल्ला आजम और उनके समर्थक रास्ते में आते-आते धमकाते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। मुझे इनके समर्थक फेसबुक पर गालियां देते थे और इनके खिलाफ न बोलने के लिए धमकाते थे।
Abdullah Azam: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमपी आजम खान को अपने बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को लेकर एक राहत मिली है। यह राहत अब्दुल्ला आजम को भी मिली है। शुक्रवार को 6 साल पुराने एक मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को बरी कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, अब्दुल्ला आजम पर आम आदमी पार्टी के नेता को धमकाने का आरोप था। उनपर आप नेता फैसल खान लाला ने मामला दर्ज कराया था, जिसमें अब्दुल्ला आजम पर आप नेता के साथ मारपीट, गाली-गलौच और जान से मारने के लिए धमकाने का आरोप था। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में अब्दुल्ला आजम को बरी कर दिया है।
जुलाई 2019 में दर्ज हुआ था मामला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के नेता और प्रवक्ता फैसल खान लाला ने जुलाई 2019 में अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। फैसल ने अब्दुल्ला पर मारपीट,गाली गलौच और जान से मारने के लिए धमकाने का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया था। आप नेता ने गंज कोतवाली में मामला दर्ज कर कहा था कि वे आजम खान के राजनीतिक विरोधी हैं। वे उनके जन विरोधी कामों की शिकायत करते हैं। फैसल यतीमखाना बस्ती उजाड़ने, जौहर ट्रस्ट के द्वारा आलियागंज में किसानों की जमीन कब्जाने समेत कई मामलों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे। उन्होंने इस मामले में जुलाई 2019 में ही राज्यपाल से शिकायत भी की थी।
फैसले ने बताया कि उनके इस कार्यों से आजम खान और अब्दुल्ला आजम समेत इनके समर्थक रंजिश रखते थे। फैसले ने आरोप लगाया था कि मुझे (फैसल) अब्दुल्ला आजम और उनके समर्थक रास्ते में आते-आते धमकाते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। मुझे इनके समर्थक फेसबुक पर गालियां देते थे और इनके खिलाफ न बोलने के लिए धमकाते थे।
पुलिस ने अब्दुल्ला आजम समेत तीन को किया था नामजद
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में गंज कोतवाली पुलिस ने अब्दुल्ला आजम खान समेत तीन लोगों को नामजद किया था। यह मामला एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रहा था। अब इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है और सबूत के अभाव में अब्दुल्ला आजम को बरी कर दिया है।
Published By : Amit Dubey
पब्लिश्ड 12 September 2025 at 19:10 IST