राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा अपडेट, जिला जेल में अविनाश शुक्ला से हुई 2 घंटे पूछताछ, आरोपी के पास से 58 लाख रुपये हुए थे बरामद
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला से जिला कारागार में 2 घंटे पूछताछ हुई है। विवेचक आशुतोष तिवारी ने उनसे पूछताछ की, क्योंकि अविनाश के घर से 58 लाख रुपये बरामद हुए थे। मामले में ताजा अपडेट पढ़ें, जानें अभी तक क्या क्या हुआ?
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Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या में राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे की चोरी और गड़बड़ी मामले में नया अपडेट सामने आया है। दरअसल, मामले में अब तक 8 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, इन्हीं में से एक आरोपी अविनाश शुक्ला से जिला कारागार में करीब 2 घंटे तक पूछताछ हुई है, बतादें मामले में विवेचक आशुतोष तिवारी ने ये पूछताछ की।
अविनाश शुक्ला के घर से बरामद हुए 58 लाख रुपये
संबंधित न्यायालय से अनुमति लेने के बाद विवेचक आशुतोष तिवारी जिला कारागार पहुंचे, पूछताछ के बाद विवेचक ने मीडिया से कोई बयान देने से इनकार कर दिया। बतादें आरोपी अविनाश शुक्ला के घर से 5 जून को 58 लाख रुपये बरामद किए गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अभी जारी है। इस मामले में राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों पर गबन का आरोप है। ये मामला भक्तों के विश्वास से जुड़ा है, इसलिए पुलिस पूरी पारदर्शिता से जांच कर रही है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को 10 प्वाइंट में समझिए
राम मंदिर के दानपात्रों से नकदी और कीमती सामान गायब होने की आशंकाएं जताई गईं थी। जिसके बाद अयोध्या के स्थानीय नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया।
7 जून: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पोस्ट कर दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपये की रकम गायब है। उन्होंने न्यायालय से स्वतः संज्ञान और सरकार से जवाब मांगा।
8-11 जून: सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप चले। ट्रस्ट महामंत्री चंपत राय ने वीडियो जारी कर किसी गड़बड़ी से इनकार किया। बीजेपी नेता रजनीश सिंह ने PMO को चिट्ठी लिखकर केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की।
13 जून: उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की। टीम में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरण एस और नील रतन शामिल थे।
15 जून: एसआईटी ने पूछताछ और जांच शुरू की। विपक्ष ने एसआईटी पर अविश्वास जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज से जांच की मांग की।
19 जून: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार बयान दिया- 'इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा।'
23 जून: एसआईटी ने 10 दिनों में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।
25 जून: आठ लोगों (टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा आदि) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। ये सभी दानपात्र गिनती टीम के सदस्य थे।
27 जून: ट्रस्ट महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया।
29 जून: 8 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाई गई। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने इन अभियुक्तों की पैरवी न करने का फैसला लिया और जुर्माने का प्रावधान किया।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 30 June 2026 at 21:27 IST