'कन्नौज का नाम बदलकर...', स्मृति ईरानी के चैलेंज पर अखिलेश यादव का आया तंज भरा जवाब
Akhilesh Yadav news: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्मृति ईरानी के चैलेंज पर जवाब दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अखिलेश को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी।
Akhilesh Yadav on Smriti Irani Statement: महिला आरक्षण बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में रार छिड़ी हुई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच भी जुबानी जंग जारी है। हाल ही में स्मृति ने बरसते हुए उन्हें गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। इस पर अब अखिलेश का तंज भरा जवाब आया है।
स्मृति की चुनौती पर अखिलेश का जवाब
रविवार (19 अप्रैल) को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अखिलेश यादव से स्मृति ईरानी की ओर से दी गई चुनौती पर सवाल हुआ। इस पर उन्होंने कहा कि मैं अपने कन्नौज का नाम बदल दूंगा, गोरखपुर कर दूंगा। उनकी इस बात से वहां मौजूद सब लोग ठहाके लगाने लगे। अखिलेश भी मुस्कुराने लगे।
गोरखपुर से चुनाव लड़ने का दिया था चैलेंज
दरअसल, हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव पर सुरक्षित सीटों से चुनाव लड़ने का निशाना साधा था। स्मृति ने कहा था कि हमने कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष (राहुल गांधी) को उनके गढ़ (अमेठी) में हराकर दिखाया था। अगर अखिलेश यादव में दम है, तो वे अपनी पैतृक सीट या गढ़ छोड़ें और गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं।
संसद में बोले थे अखिलेश- सास बहू वाली तो हार गई…
इससे पहले अखिलेश ने संसद में बिना नाम लिए स्मृति ईरानी पर तंज कसा था। वे महिला आरक्षण के मुद्दे पर संसद में बोल रहे थे। इस दौरान सपा अध्यक्ष ने कहा कि आपकी सास बहू वाली तो हार गई हैं। उनके इस बयान पर स्मृति ईरानी ने पलटवार करते हुए कहा था कि सुना है अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख करते हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आगे यह भी कहा था कि कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं जिन्होंने जिंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की।सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कई मुद्दों को लेकर बीजेपी को घेरा था। उन्होंने कहा कि पूरा देश ये जानता है कि महिला आरक्षण के खिलाफ विपक्ष नहीं था। जिस समय महिला आरक्षण को लेकर नारी शक्ति का जो बिल आया है, उस बिल का सबने समर्थन किया। आज वो बिल कानून बन गया है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 20 April 2026 at 10:11 IST