‘जब स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी हो सकती है तो EVM में क्यों नहीं’, अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, कहा- लेकिन जनता दीदी के साथ
Akhilesh Yadav on EVM: अखिलेश यादव ने स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों का हवाला देते हुए EVM की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा को महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरते हुए 'झूठ की सोनपापड़ी' बनाने वाली पार्टी कहा।
Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक हालिया प्रेस वार्ता में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरते हुए भाजपा को ‘झूठ की सोनपापड़ी’ बनाने वाली पार्टी करार दिया। उन्होंने बिजली के स्मार्ट मीटरों में होने वाली कथित गड़बड़ियों की तुलना EVM से करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
EVM और स्मार्ट मीटर पर अखिलेश ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एक नया तर्क दिया। उन्होंने कहा, “अगर बिजली के स्मार्ट मीटर में सॉफ्टवेयर के जरिए बेईमानी और गड़बड़ी संभव है, तो EVM में क्यों नहीं हो सकती?"
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा, 'निर्वाचन आयोग एक निष्पक्ष संस्था है, लेकिन रामपुर और हालिया उपचुनावों के अनुभव बताते हैं कि भाजपा भय का माहौल बनाकर चुनाव लड़ती है।” हालांकि उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव पर विश्वास जताया कि वहां जनता ममता बनर्जी के साथ है और वहां 'दीदी' की सत्ता बरकरार रहेगी।
“चुनाव खत्म होते ही महंगाई बढ़ी”
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव खत्म होते ही महंगाई बढ़ा दी है। जनता को पहले से पता था कि चुनाव बाद महंगाई बढ़ेगी। भाजपा अपने चहेते उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने से नहीं रोक रही है।
अखिलेश ने दावा किया कि अकेले गोरखपुर में ही हजारों शिक्षकों के पद कम कर दिए गए हैं, जो प्रदेश की रोजगार स्थिति की चिंताजनक तस्वीर पेश करता है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में दिए गए लैपटॉप आज भी चल रहे हैं, जबकि वर्तमान सरकार केवल बातें कर रही है।
एक्सप्रेस-वे को लेकर प्रशासन पर तंज
अखिलेश ने इस दौरान हरदोई दौरे का एक रोचक किस्सा भी शेयर किया। जिसमें उन्होंने बताया कि प्रशासन ने उन्हें एक्सप्रेस-वे बंद होने की सूचना दी थी। इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिस सड़क का उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री ने किया हो, उसका बंद होना 'बेइज्जती' की बात है। उनके हस्तक्षेप के बाद न केवल एक्सप्रेस-वे खोला गया, बल्कि उसे कुछ समय के लिए टोल-फ्री (मुफ्त) भी कर दिया गया।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 3 May 2026 at 17:18 IST