'AIMIM यूपी में तीसरी बार योगी को CM नहीं बनने देगी', ओवैसी का बड़ा बयान, बीजेपी को रोकने के लिए विपक्षी दलों से गठबंधन को भी तैयार

असदुद्दीन ओवैसी ने सपा, कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जब तक अब्दुल नेता नहीं बनेगा, तब तक उनके मसलों का हल नहीं होगा। ओवैसी ने यह भी साफ किया कि उनकी पार्टी योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहती है।

 
Follow :
Asaduddin-owaisi/ Yogi Adityanath | Image: ANI

Asaduddin Owaisi: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिए-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने से रोकने का हर संभव प्रयास करेगी।

रविवार को शामली जिले के कैराना में ओवैसी ने यह बात भी पूरी तरह स्पष्ट कर दी कि वे योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहते। इसके लिए उनकी पार्टी अन्य विपक्षी दलों के साथ गठबंधन करने लिए भी तैयार है।

October 25, 2026

AIMIM नहीं चाहती योगी फिर CM बने- ओवैसी 

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'हमारी पार्टी AIMIM भी नहीं चाहती है कि योगी आदित्यनाथ तीसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री बनें। अगर आप नहीं चाहते हैं तो हम भी नहीं चाहते हैं। जो भी नहीं चाहता, हमारी पार्टी उसके साथ जाएगी।'

'अब्दुल नेता नहीं बनता तो, उसके मसलों का हल नहीं'

उन्होंने आगे बीजेपी की लगातार चुनावी जीत पर भी विपक्षी दलों की रणनीति पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि केवल AIMIM के चुनाव लड़ने पर ही उसे निशाना बनाया जाता है। ओवैसी ने कहा, 'पिछले विधानसभा के चुनावों में समाजवादी पार्टी ने तीन सौ अस्सी करीब अपने कैंडिडेट उतारे थे, कांग्रेस ने 400, बसपा ने 400, आप पार्टी ने 350 उम्मीदवार उतारे थे। इन पार्टियों से उनके चुनाव लड़ने के फायदे पर सवाल नहीं किया जाता है। दूसरा यह बीजेपी को जिताने की बात कर रहे हैं। 2014, 2017, 2017, 2022 और 2024 में कैसे जीत गई? इसका जवाब कौन देगा?' 

अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना 

औवैसी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जो मैंने रामपुर में कहा था, अगर नहीं कहता तो क्या वो आजम खान से मिलने जेल जाते? 

इस दौरान ओवैसी ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों को केवल चुनाव तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।  राजनीतिक दलों को उनके रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों की समस्याओं और जमीन के विवादों पर भी आवाज बुलंद करनी चाहिए। 

उन्होंने आगे कहा, 'मस्जिदों को ध्वस्त किया जा रहा है, घरों को तोड़ा जा रहा है, हाफ एनकाउंटर हो रहा है, जेल भेजे जा रहे हैं, इसका जवाब कौन देगा? जिस पार्टी (सपा) का आपने नाम लिया उसकी पूरी दिक्कत यह है कि अल्पसंख्यक समाज सिर्फ इन्हें वोट डालें और जितनी उनकी समस्याएं हैं फिर चाहे वो शिक्षा हो या रोजगार हो या किसानों या उसकी जमीन का हो, इबादत का मसला हो, ये (विपक्षी दल) इन मुद्दों पर बात ही नहीं करेंगे। हमारा मानना है कि जब तक अब्दुल नेता नहीं बनेगा इन मसलों का हल नहीं होगा। जब आपकी पॉलिटिकल एजेंसी होगी, लीडरशिप होगी, तो वह खुद जाकर इन चीजों का हल तलाश करेगी और बेबाक तरीके से बोलेगी।'

यह भी पढ़ें: मल्लिकार्जुन खड़गे के 'मोदी का बाप भी जाएगा' वाले बयान पर मचा बवाल, पटना में शिकायत दर्ज; आज देशभर में बीजेपी का प्रदर्शन

 


 

Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 26 October 2026 at 08:27 IST