PM मोदी के कार्यक्रम से पहले बंदूक के साथ गिरफ्तार दोनों संदिग्धों को 11 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा, PMO का फर्जी ID कार्ड भी हुआ था बरामद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुंबई में कार्यक्रम से पहले गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों को कोर्ट ने 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुंबई में कार्यक्रम से पहले गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों को कोर्ट ने 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दोनों पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी और बॉडीगार्ड बताने का आरोप है। यह कार्रवाई पीएम मोदी के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यक्रम में शामिल होने से पहले हुई। मुंबई पुलिस के अनुसार, संदिग्ध लोग सरकारी पहचान पत्र के साथ मुंबई के BKC स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।
इनमें से एक के पास बंदूक भी थी। सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं। दोनों की पहचान रोहन पारेख और दिलीप कुंडे के तौर पर हुई है। रोहन पारेख को पीएमओ के फर्जी आईडी कार्ड के साथ पकड़ा गया। उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे के पास से बंदूक बरामद हुआ।
7 सितंबर को BKC पहुंचा था रोहन
मुंबई पुलिस के मुताबिक रोहन पारेख 7 सितंबर की शाम को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के जियो वर्ल्ड प्लाजा पहुंचे और अंदर चले गए। पारेख के बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे ने भी अंदर जाने की कोशिश की, उसके पास हथियार थे। जिसके कारण डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर ने उसे अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद पारेख वापस आए और अपना PMO का कथित पहचान पत्र दिखाया।
कार्ड पर जारी होने की तारीख तो थी लेकिन वैलिडिटी यानी वैधता की तारीख नहीं थी, जो आम तौर पर सरकार द्वारा जारी आइडेंटिटी कार्ड पर होती है। साथ ही, इस कार्ड पर जारी करने वाले के हस्ताक्षर तो थे लेकिन उनका पद नहीं लिखा था। इस कार्ड में रोहन पारेख को 'ग्रेड C अधिकारी' बताया गया था।
रोहन के वकील ने क्या कहा
कोर्ट में रोहन पारेख के वकील ने बताया कि पारेख को 2024 में तरुण कपूर नाम के एक व्यक्ति ने PMO में काम करने का प्रस्ताव दिया था। वकील ने बताया कि उन्हें महक गुप्ता के लिए एडवाइजरी रोल और तरुण गुप्ता से डिफेंस एक्विजिशन पॉलिसी से जुड़ा ईमेल मिला था। साथ ही PMO से जुड़े ईमेल, आधिकारिक ऑफर लेटर और पीएम के हस्ताक्षर वाला पत्र भी मिला था। वकील का दावा है कि पारेख को फंसाया गया है। मामले में उन्होंने जांच अधिकारियों को सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 8 September 2026 at 21:41 IST