'संदेशखाली अब भी जल रहा', नतीजों के बाद बंगाल में बवाल, TMC-BJP के कार्यकर्ता की हत्या; पुलिसकर्मियों को मारी गोली, रेखा पात्रा ने क्या कहा?

बंगाल में चुनाव के नतीजों के बाद बवाल शुरू हो गया है। अज्ञात उपद्रवियों ने TMC कार्यालय में तोड़फोड़ की है, जिससे परिसर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फर्नीचर, झंडे, पोस्टर और बैनर फाड़ दिए गए।

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'Sandeshkhali Still Burning': Rekha Patra Erupts After 5 Security Personnel Shot In Post-Poll Violence | Image: Republic

बंगाल में चुनाव के नतीजों के बाद बवाल शुरू हो गया है। अज्ञात उपद्रवियों ने TMC कार्यालय में तोड़फोड़ की है, जिससे परिसर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फर्नीचर, झंडे, पोस्टर और बैनर फाड़ दिए गए।

इसके साथ ही सूचना मिल रही है कि बंगाल में TMC और BJP के एक-एक कार्यकर्ता की हत्या की गई है। वहीं, TMC के कई दफ्तरों पर हमले की भी सूचना मिल रही है।

इसके अलावा, संदेशखाली में भी चुनाव के बाद हिंसा भड़क उठी है। देर रात गश्त के दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी, जिसमें CRPF जवानों और पुलिस अधिकारियों समेत पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। यह घटना नजात पुलिस थाना क्षेत्र के बामन घेरी इलाके में हुई, जो 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है।

रेखा पात्रा ने क्या कहा?

इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, हाल ही में चुनी गईं BJP विधायक और संदेशखाली की पीड़िता रेखा पात्रा ने बंगाल पुलिस पर TMC के पक्ष में काम करने और हिंसा में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।

पात्रा ने दावा किया कि संदेशखाली में असामाजिक तत्व अभी भी बेखौफ होकर घूम रहे हैं और उन्होंने उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय महिलाओं को धमकियां दी जा रही हैं और कहा कि अब वहां के निवासियों को राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं रहा।

'पुलिस अपना फर्ज भूल चुकी'

पात्रा ने बातचीत के दौरान कहा, "पुलिस अपना फर्ज भूल चुकी है। राज्य पुलिस TMC के लिए काम कर रही है," और साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में केंद्रीय बलों के और अधिक हस्तक्षेप की भी मांग की।

संदेशखाली में पहले हुई भारी राजनीतिक और सामाजिक अशांति के दौरान, रेखा पात्रा वहां हुए विरोध प्रदर्शनों का एक सबसे मजबूत चेहरा बनकर उभरी थीं। वह उन महिलाओं में से एक थीं जिन्होंने निलंबित TMC नेता शेख शाहजहां और उसके सहयोगियों से जुड़े स्थानीय दबंगों पर धमकाने, जमीन हड़पने और महिलाओं पर अत्याचार करने के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए थे।

संदेशखाली में झड़पों और विरोध प्रदर्शनों के शुरुआती दौर में, पात्रा ने हिंसक अशांति का सामना किया और कथित धमकियों और हमलों के बावजूद विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करना जारी रखा। एक पीड़ित से आंदोलन का राजनीतिक चेहरा बनने तक के उनके सफर ने उन्हें बंगाल की राजनीति में BJP का एक अहम चेहरा बना दिया।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 6 May 2026 at 13:10 IST